Mahakal Bhasma Aarti: महाकाल मंदिर में बड़ा बदलाव, अब सीमित संख्या में होंगे भस्म आरती दर्शन, नई गाइडलाइन तैयार

Mahakal Bhasma Aarti: उज्जैन मकाल मंदिर में प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती के दर्शन को लेकर अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है। मंदिर प्रशासन जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगा जो श्रद्धालुओं की सीमित संख्या निर्धारित करेगी।

Mahakal Bhasma Aarti: महाकाल मंदिर में बड़ा बदलाव, अब सीमित संख्या में होंगे भस्म आरती दर्शन, नई गाइडलाइन तैयार

हाइलाइट्स

  • भस्म आरती दर्शन के लिए लागू होगी नई व्यवस्था
  • अब सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रवेश
  • श्रद्धालुओं की संख्या तय करने बनेगी समिति

Mahakal Bhasma Aarti: उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन होने वाली भस्म आरती के दर्शन को लेकर अब नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब महाकाल मंदिर में अब सीमित संख्या में भस्म आरती के दर्शन होंगे। अब श्रद्धालुओं की संख्या तय होगी। मंदिर प्रशासन जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगा जो श्रद्धालुओं की सीमित संख्या निर्धारित करेगी। यह बदलाव श्रावण मास से पहले लागू किया जाएगा ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके और सभी भक्तों को सुगम दर्शन का अनुभव मिल सके।

महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था में होगा बदलाव

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तड़के आयोजित होने वाली पवित्र भस्म आरती के नियमों में अब बदलाव की तैयारी है। मंदिर प्रशासन ने दर्शन के लिए भक्तों की संख्या सीमित करने का निर्णय लिया है। मंदिर में अब सीमित संख्या में भक्तों को ही भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति प्रदान की जाएगी। यह कदम श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नई व्यवस्था श्रावण मास से पहले लागू की जाएगी।

अब तय होगी श्रद्धालुओं की संख्या

उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती में देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1800 लोग दर्शन करते हैं। गर्भगृह के सामने बैठने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन मिलते हैं, जबकि किनारे बैठने वाले भक्तों को ठीक से दर्शन नहीं मिल पाते। भक्त नंदी, गणेश और कार्तिकेय मंडपम में बैठते हैं। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन, ऑफलाइन, प्रोटोकॉल और पुजारी प्रतिनिधियों के माध्यम से दर्शन की अनुमति दी जाती है, लेकिन अब मंदिर प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।

नई समिति करेगी व्यवस्थाओं पर निर्णय

मंदिर प्रशासन ने जानकारी दी है कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी। समिति सभी माध्यमों ऑनलाइन बुकिंग, ऑफलाइन बुकिंग, प्रोटोकॉल अनुशंसा और पुजारी प्रतिनिधित्व की भी जांच करेगी और आवश्यकता अनुसार संशोधन करेगी।

श्रावण मास से पहले लागू होगी नई गाइडलाइन!

इस साल 11 जुलाई से श्रावण मास आरंभ हो रहा है। इस दौरान लाखों भक्त उज्जैन आते हैं। ऐसे में भीड़ नियंत्रण और दर्शन की सुविधा बनाए रखने के लिए नई व्यवस्था श्रावण से पहले लागू करने की तैयारी है।

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भस्म आरती दर्शन के चार प्रमुख माध्यम हैं....

  • ऑनलाइन बुकिंग: 200 रुपए प्रति व्यक्ति, 400 श्रद्धालु प्रतिदिन
  • ऑफलाइन बुकिंग: निःशुल्क, 300 श्रद्धालु
  • प्रोटोकॉल अनुशंसा: 200, 600 रुपए श्रद्धालु
  • पुजारी प्रतिनिधि यजमान: 200, 500 रुपए श्रद्धालु
  • इन सभी माध्यमों से कुल लगभग 1800 श्रद्धालु हर दिन दर्शन करते हैं। लेकिन अब यह संख्या घटाई जा सकती है।

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