उज्जैन महाकाल में मंदिर समिति खुद करेंगी हर्बल गुलाल की व्यवस्था: बाहर के रंगों पर रोक, पिछले साल हुए हादसे पर फैसला

MP Ujjain Mahakal Mandir Holi 2025 Arrangement Details Update; होली पर्व के दौरान उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में संध्या आरती के बाद होली जलाई जाएगी। इससे पहले मंदिर के पुजारी परंपरागत रूप से होली का पूजन करेंगे

उज्जैन महाकाल में मंदिर समिति खुद करेंगी हर्बल गुलाल की व्यवस्था: बाहर के रंगों पर रोक, पिछले साल हुए हादसे पर फैसला

भगवान को चढ़ाने के लिए मंदिर समिति खुद करेंगी हर्बल गुलाल की व्यवस्था।

Mahakal Mandir Holi Holika Dahan 2025: होली पर्व के दौरान उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में संध्या आरती के बाद होली जलाई जाएगी। इससे पहले मंदिर के पुजारी परंपरागत रूप से होली का पूजन करेंगे। हालांकि, इस बार पूजन और दहन के दौरान मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है।

शुद्ध हर्बल गुलाल की व्यवस्था

भगवान महाकाल को संध्या आरती में अर्पित करने के लिए मंदिर समिति ने शुद्ध हर्बल रंग और गुलाल की व्यवस्था की है। यह गुलाल सीमित मात्रा में उपलब्ध होगा। पिछले साल हुए हादसे को देखते हुए इस बार मंदिर परिसर में रंग-गुलाल उड़ाने पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

गत वर्ष होली पर्व के दौरान भस्म आरती में गुलाल से आग लगने की घटना हुई थी, जिसमें एक सेवक की मौत हो गई थी और कई पुजारी झुलस गए थे। इस घटना के बाद गुलाल में केमिकल मिले होने की आशंका जताई गई थी। इसको ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

publive-image

जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई

उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल के हादसे की जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। हादसे को लगभग एक साल होने जा रहा है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।

मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था

होली पर्व के मौके पर मंदिर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर मंदिर समिति ने सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की है। इस बार मंदिर के बाहर से कोई भी श्रद्धालु रंग-गुलाल अंदर नहीं ले जा सकेगा। मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर सख्त चेकिंग की जाएगी।

publive-image

भीड़ नियंत्रण और प्रवेश प्रबंधन

मंदिर परिसर में भीड़ जमा करने वाले किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी। भस्म आरती में भी सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर समिति ने हर्बल गुलाल की मात्रा 100 से 200 ग्राम तक सीमित रखी है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।

कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि पिछले साल की घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन मिलकर होली पर्व के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यह भी पढ़ें-

Holi Bhai Dooj 2025 Kab se Kab Tak Rahegi: होली के बाद 16 मार्च को केवल इतने बजे तक रहेगा भाईदूज का मुहूर्त

Holi 2025 Holika Dahan Time: होली पर इतने बजे से लगेगी भद्रा, क्या है होलिका दहन का शुभ-मुहूर्त

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article