MP UG-PG COUNSELLING: छात्रों का निजी कॉलेजों से मोह भंग, सरकारी कॉलेजों में ज्यादा एडमिशन

कॉलेजों में एडमिशन UG-PG COUNSELLING में इस बार खास बात ये रही कि प्राइवेट की जगह छात्रों ने सरकारी कॉलेजों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। कोविड से पैदा हुए अनिश्चितता के माहौल में छात्र और अभिभावक सरकारी कॉलेजों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।

MP UG-PG COUNSELLING: छात्रों का निजी कॉलेजों से मोह भंग, सरकारी कॉलेजों में ज्यादा एडमिशन

इंदौर। मध्यप्रदेश के कॉलेजों में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रमों में काउंसलिंग UG-PG COUNSELLING की प्रक्रिया पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने संक्रमण को देखते हुए 30 नवंबर तक ऑनलाइन और ऑफलाइन काउंसलिंग प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे। जिसके चलते 29 नवंबर तक ही कॉलेजों में ऑनलाइन-ऑफलाइन काउंसलिंग कराई गई थी।

सरकारी कॉलेजों में ज्यादा एडमिशन
कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया में MP UG-PG COUNSELLING इस बार खास बात ये रही कि प्राइवेट की जगह छात्रों ने सरकारी कॉलेजों में एडमिशन में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। कोविड से पैदा हुए अनिश्चितता के माहौल में छात्र और अभिभावक सरकारी कॉलेजों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। सरकारी कॉलेजों में जहां सिर्फ 6 से 8 फीसदी सीटें ही खाली बची हैं। वहीं निजी कॉलेजों में हालात खराब हैं, यहां 18-22 प्रतिशत कोर्स की ही सीटें खाली रह गई है।

6 चरणों में हुई काउंसलिंग
कॉलेजों में एडमिशन के लिए काउंसलिंग अगस्त से नवंबर के बीच छह चरणों में कराई गई। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दायरे में आने वाले 220 कालेज में विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश दिया गया जबकि 40 अल्पसंख्यक कालेजों में छात्र-छात्राओं ने सीधे एडमिशन लिया है

1 दिसंबर तक देना है ब्यौरा
उच्च शिक्षा विभाग ने एक दिसंबर तक कॉलेजों में एडमिशन ले चुके छात्र-छात्राओं और कॉलेज में खाली रह गई सीटों का ब्यौरा मांगा है. इसकी जानकारी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रवेश देने वाले सभी कालेजों को देना जरुरी है। पाठ्यक्रम के अनुसार छात्रों की संख्या, मोबाइल नंबर, दस्तावेज की जानकारी दी जानी है।

20 दिसंबर तक नामांकन जरुरी
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने छात्रों का डाटा मिलने के बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। कालेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का डाटा विश्वविद्यालय को देना जरुरी है, ताकि नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा सके। 20 दिसंबर तक छात्र-छात्राओं का नामांकन करना जरूरी किया गया है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article