Chenab Bridge: दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज पर चली ट्रेन, जम्मू- कश्मीर में ट्रेन का ट्रायल रन हुआ पूरा

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज पर ट्रेन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। ये दुनिया का सबसे ऊंचा स्टील आर्च ब्रिज है।

Chenab Bridge: दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब ब्रिज पर चली ट्रेन, जम्मू- कश्मीर में ट्रेन का ट्रायल रन हुआ पूरा

हाइलाइट्स

  • जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज पर ट्रेन का ट्रायल रन पूरा
  • दुनिया का सबसे ऊंचा स्टील आर्च ब्रिज
  • केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया वीडियो

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज पर ट्रेन का ट्रायल रन पूरा हो गया है। ये दुनिया का सबसे ऊंचा स्टील आर्च ब्रिज है। इसे लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पोस्ट कर जानकारी दी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि- 'पहली ट्रायल ट्रेन संगलदान से रियासी तक सफलतापूर्वक चली है, इसमें चिनाब ब्रिज को पार करना भी शामिल है। यूएसबीआरएल के लिए सभी निर्माण कार्य लगभग समाप्त हो चुके हैं, केवल सुरंग संख्या एक आंशिक रूप से अधूरी है।'

अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया वीडियो


1486 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण

चिनाब रेल पुल को 1486 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इसमें 30 हजार मीट्रिक टन स्टील का प्रयोग किया गया है। ये ब्रिज 260 किमी प्रति घंटे तक की हवा की गति का सामना कर सकता है। बता दें कि ट्रेन 7 स्टेशनों से होकर बारामूला पहुंचेगी।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन ट्रैक पर अभी भी ट्रायल रन चलता रहेगा। इस परीक्षण के बाद ही ट्रेन के परीचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद सिर्फ साढ़े तीन घंटे में श्रीनगर से जम्मू का सफर पूरा होगा।

क्या है USBRL प्रोजेक्ट?

USBRL प्रोजेक्ट 1997 से शुरू हुआ था। इसके तहत 272 किमी की रेल लाइन बिछाई जानी थी। बता दें कि अब तक अलग-अलग फेज में 209 किमी लाइन बिछाई जा चुकी है।

इस साल के आखिरी तक रियासी को कटरा से जोड़ने वाली आखिरी 17 किमी लाइन बिछाई जाएगी। इस दौरान एक ट्रेन कश्मीर को बाकी देशों से जोड़ेगी।

जानकारी के मुताबिक उधमपुरा श्रीनगर बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट इस साल के अंत तक पूरा हो सकता है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन पीएम मोदी ने 20 फरवरी, 2024 को किया था।

30 जून को ऑपरेट करेगी पहली ट्रेन

चिनाब ब्रिज पेरिस के एफिल टावर से भी ऊंचा है, जो कि 359 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है। ये 1.3 किमी लंबा है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक संगलदान से रियासी रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन के सफल परीक्षण के बाद इस रूट पर पहली ट्रेन 30 जून को ऑपरेट करेगी।

भूकंप से बचाएगी ये ब्रिज

चिनाब ब्रिज भूकंप, बाढ़, बर्फबारी और विस्फोटकों से बचाने के लिए तैयार की गई। ब्रिज का क्षेत्र भूकंप के जोन चार में आता है, लेकिन इसे भूकंप क्षेत्र पांच के लिए डिजाइन किया गया है।

ये भूकंप के लिहाज से बहुत सुरक्षित है और रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाले भूकंप को भी आसानी से झेल पाएगा।

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