देशद्रोह मामला : कंगना रनौत ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया, वीडियो जारी कर लोगों से समर्थन मांगा

मुंबई, आठ जनवरी (भाषा) बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने देशद्रोह एवं अन्य मामलों में शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज कराया।

इससे पहले उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें अपने विचार प्रकट करने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।

सीआरपीएफ जवानों की ‘वाई प्लस’ श्रेणी सुरक्षा प्राप्त कंगना मुंबई के उपनगर स्थित पुलिस थाने अपने वकील के साथ दोपहर करीब एक बजे पहुंची। उस समय वहां मीडिया का भारी जमावड़ा था।

बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वह कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ जांच करे। अदालत ने यह आदेश उस शिकायत पर दिया जिसमें आरोप लगाया था कि कंगना और रंगोली सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के जरिये नफरत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।

कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सयैद ने कंगना और उनकी बहन के ट्वीट एवं बयान का संदर्भ देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने मामले में गत वर्ष अक्टूबर में प्राथमिकी दर्ज की। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153ए (अलग-अलग धार्मिक, जातीय समूहों में द्वेष को बढ़ावा देना), धारा-295 ए (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काना) और धारा-124 ए (देशद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस थाने जाने से पहले कंगना रनौत ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि देशहित के मुद्दों पर अपनी राय रखने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्विटर पर पोस्ट एक मिनट के वीडियो में कहा, ‘‘ मेरा घर गैर कानूनी तरीके से तोड़ दिया गया। जब मैं किसानों के हित की बात करती हूं तो मेरे खिलाफ लगभग रोज मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उदाहरण के लिए मेरे खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया है क्योंकि मैंने हंसा था।’’

वीडियो का शीर्षक है, ‘‘क्यों मुझे मानसिक,भावनात्मक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है? मुझे इस देश से उत्तर चाहिए…मैं आपके लिए खड़ी हुई और अब समय आपके खड़े होने का है।’’

कंगना रनौत ने कहा कि मेरी बहन के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया गया क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी के शुरुआती दिनों के दौरान डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरा नाम भी मामले में जोड़ दिया गया जबकि उस समय मैं ट्विटर पर भी नहीं थी। सामान्यत: यह नहीं होता है लेकिन यह हुआ और हमारे माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई तूक नहीं है।’’

कंगना ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्यों उन्हें पुलिस थाने में हाजिरी देने का आदेश दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ …और कोई नहीं बता रहा है कि यह किस तरह की हाजिरी है? मुझसे यह भी कहा गया कि मैं किसी पर हो रहे अत्याचार के बारे में बात भी नहीं कर सकती।’’

कंगना ने वीडियो में उच्चतम न्यायालय का भी जिक्र किया और ‘जय हिंद’ के साथ इसका समापन किया।

इससे पहले मुंबई पुलिस ने तीन बार नोटिस जारी कर उन्हें मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।

बंबई उच्च न्यायालय ने गत वर्ष नंवबर में कंगना रनौत एवं उनकी बहन रंगोली चंदेल को गिरफ्तारी से सुरक्षा देते हुए और आठ जनवरी को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

भाषा धीरज उमा

उमा

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देशद्रोह मामला : कंगना रनौत ने पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया, वीडियो जारी कर लोगों से समर्थन मांगा

मुंबई, आठ जनवरी (भाषा) बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने देशद्रोह एवं अन्य मामलों में शुक्रवार को मुंबई के बांद्रा पुलिस थाने में अपना बयान दर्ज कराया।

इससे पहले उन्होंने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें अपने विचार प्रकट करने की वजह से निशाना बनाया जा रहा है।

सीआरपीएफ जवानों की ‘वाई प्लस’ श्रेणी सुरक्षा प्राप्त कंगना मुंबई के उपनगर स्थित पुलिस थाने अपने वकील के साथ दोपहर करीब एक बजे पहुंची। उस समय वहां मीडिया का भारी जमावड़ा था।

बांद्रा की मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि वह कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के खिलाफ जांच करे। अदालत ने यह आदेश उस शिकायत पर दिया जिसमें आरोप लगाया था कि कंगना और रंगोली सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट के जरिये नफरत फैलाने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।

कास्टिंग डायरेक्टर और फिटनेस ट्रेनर मुनव्वर अली सयैद ने कंगना और उनकी बहन के ट्वीट एवं बयान का संदर्भ देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने मामले में गत वर्ष अक्टूबर में प्राथमिकी दर्ज की। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153ए (अलग-अलग धार्मिक, जातीय समूहों में द्वेष को बढ़ावा देना), धारा-295 ए (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काना) और धारा-124 ए (देशद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस थाने जाने से पहले कंगना रनौत ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि देशहित के मुद्दों पर अपनी राय रखने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्विटर पर पोस्ट एक मिनट के वीडियो में कहा, ‘‘ मेरा घर गैर कानूनी तरीके से तोड़ दिया गया। जब मैं किसानों के हित की बात करती हूं तो मेरे खिलाफ लगभग रोज मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उदाहरण के लिए मेरे खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया है क्योंकि मैंने हंसा था।’’

वीडियो का शीर्षक है, ‘‘क्यों मुझे मानसिक,भावनात्मक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है? मुझे इस देश से उत्तर चाहिए…मैं आपके लिए खड़ी हुई और अब समय आपके खड़े होने का है।’’

कंगना रनौत ने कहा कि मेरी बहन के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया गया क्योंकि कोरोना वायरस की महामारी के शुरुआती दिनों के दौरान डॉक्टरों पर हुए हमले के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि मेरा नाम भी मामले में जोड़ दिया गया जबकि उस समय मैं ट्विटर पर भी नहीं थी। सामान्यत: यह नहीं होता है लेकिन यह हुआ और हमारे माननीय मुख्य न्यायाधीश ने इसे खारिज करते हुए कहा कि इसका कोई तूक नहीं है।’’

कंगना ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि क्यों उन्हें पुलिस थाने में हाजिरी देने का आदेश दिया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ …और कोई नहीं बता रहा है कि यह किस तरह की हाजिरी है? मुझसे यह भी कहा गया कि मैं किसी पर हो रहे अत्याचार के बारे में बात भी नहीं कर सकती।’’

कंगना ने वीडियो में उच्चतम न्यायालय का भी जिक्र किया और ‘जय हिंद’ के साथ इसका समापन किया।

इससे पहले मुंबई पुलिस ने तीन बार नोटिस जारी कर उन्हें मामले में बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा था।

बंबई उच्च न्यायालय ने गत वर्ष नंवबर में कंगना रनौत एवं उनकी बहन रंगोली चंदेल को गिरफ्तारी से सुरक्षा देते हुए और आठ जनवरी को पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

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