ट्रैफिक कांस्टेबल की मौत मामला, सुसाइड नोट बरामद, कर्मचारियों पर परेशान करने का आरोप

ट्रैफिक कांस्टेबल की मौत मामला, सुसाइड नोट बरामद, कर्मचारियों पर परेशान करने का आरोप

मुरैना: ट्रैफिक कांस्टेबल की मौत मामले में नया खुलासा हुआ है। आत्महत्या से पहले लिखा गया सुसाइड नोट आया सामने आया है। जिसमें मृतक आरक्षक ने सुसाइड नोट में कर्मचारियों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। आरक्षक ने सुसाइट नोट के बारे में अपने भाई को मैसेज भेजा था।

दरअसल, रविवार की सुबह 7.30 बजे ट्रैफिक कान्स्टेबल हरेंद्र का शव पुलिस थाने के पुराने दफ्तर परिसर स्थित एक कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। जिसके बाद मृत आरक्षक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। सिपाही की जेब में मिले फोन की जांच में पता चला की मरने से पहले आरक्षक ने अपने एयरफोर्स में पदस्थ भाई को मैसेज भेजा था। उस मैसेज में लिखा था कि भैया, मुझे माफ करना, साथियों से परेशान हूं, मेरा सुसाइड नोट कमरे की डायरी में रखा है। इस मैसेज के आधार पर पुलिस ने सुसाइड नोट ढूंढा।

ट्रैफिक पुलिस के सिपाही का कहना- ड्यूटी बदलने से परेशान था हरेंद्र

ट्रैफिक पुलिस के सिपाही का कहना है कि हरेन्द्र की ड्यूटी अक्सर ट्रैफिक पुलिस की मोबाइल वैन में रहती थी। लॉकडाउन के कारण शुक्रवार को उसकी ड्यूटी मोबाइल वैन से बदलकर पाइंट पर लगा दी गई। इससे हरेन्द्र परेशान था।

परिजनों का बुरा हाल- कहा 'मेरे शेर बेटे को मार डाला'

वहीं हरेंद्र के पिता ने अपने बेटे के शव को देखा तो वे चीख-चीख कर रोने लगे और कहने लगे कि मेरे शेर बेटे को किसी ने मार डाला, मेरा बेटा साहसी था। आत्महत्या नहीं कर सकता था उसके साथ कुछ गलत हुआ है।

हरेंद्र के पिता ने बताया कि 9 अप्रैल को हरेंद्र ने अपने घर फोन लगाकर मां और उनसे बात की थी। उस दिन बेटा खुश था और दो चार दिन बाद छुट्टी पर घर भी आने वाला था। हरेंद्र यूपी पुलिस में SI बनने की तैयारी कर रहा था।

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