आज का मुद्दा: उमंग के 'हनुमान', आदिवासी पर घमासान! हनुमानजी आदिवासी थे...

उमंग कार्यक्रम में हनुमान जी को आदिवासी बताए जाने के दावे के बाद राजनीतिक और सामाजिक घमासान मच गया है। इस बयान पर जहां एक वर्ग समर्थन में उतरा है, वहीं दूसरे वर्ग ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर विरोध जताया है।

मध्य प्रदेश की सियासत में अब हनुमानजी की एंट्री हो चुकी है…और ये एंट्री कोई मामूली नहीं....बल्कि विवादित दावे के साथ हुई है....नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि....हनुमानजी आदिवासी थे....और भगवान राम की वानर सेना भी आदिवासी थी....भगवान राम की जीत में आदिवासियों की अहम भूमिका थी...आदिवासी अपनी अलग संस्कृति...अपने रीति रिवाज और पूजा पद्धति के साथ हिंदुस्तानी समाज का हिस्सा है....दरअसल, उमंग सिंधार गुरुवार को धार जिले के सेंधवा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान हनुमान को आदिवासी बताया। इतना ही नहीं, भगवान राम की जीत के वजह भी आदिवासियों को बताई। सिंघार ने कहा कि भगवान हनुमान आदिवासी थे। भगवान राम की सेना में शामिल वानर सेना आदिवासी थी।

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