रायपुर में जिलाध्यक्षों के प्रदर्शन को लेकर अब पार्टी ने सख्त रुख अपना लिया है। खराब परफॉर्मेंस वाले जिलाध्यक्षों पर किसी भी समय कार्रवाई की जा सकती है और उन्हें पद से हटाया भी जा सकता है। पूरी प्रक्रिया की सीधी मॉनिटरिंग राहुल गांधी के दफ्तर से होगी, जहां जिलों में संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क, कार्यक्रमों की सफलता और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पकड़ का मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी ने संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत हर तीन महीने में सभी जिलाध्यक्षों को अपना रिपोर्ट कार्ड सौंपना अनिवार्य होगा। इस रिपोर्ट कार्ड में उनके कार्य, उपलब्धियां, अभियान में भागीदारी और संगठन विस्तार से जुड़े विवरण शामिल होंगे। हाल ही में 41 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद पार्टी अब बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रही है। इस कठोर निगरानी प्रणाली से पार्टी संगठन में जवाबदेही बढ़ेगी और कामकाज की गति में भी सुधार होगा।
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