भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने इस पॉडकास्ट में अपने जीवन, राजनीति और विचारधारा की खुलकर बात की। भिंड जिले के मेहगांव में जन्मे फूल सिंह बरैया ने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू की और ग्वालियर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा। मैस में खाना, हॉस्टल में कमरा लेना, हर अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ा। इसी दौरान उन पर हॉस्टल में जानलेवा हमला भी हुआ, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। इस घटना के बाद उनका झुकाव कांशीराम की विचारधारा की ओर हुआ। 1989 में उन्होंने ग्वालियर से माधवराव सिंधिया के खिलाफ पहला चुनाव लड़ा। वे बताते हैं कि कांशीराम से उनका गहरा रिश्ता था और मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का वादा भी हुआ था। हालांकि, इसके बाद हालात बदले। मायावती पर उन्होंने ईगो और पैसे के प्रति लगाव के आरोप लगाए। पार्टी से निकाले जाने, पुलिस छापों और केसों के बावजूद हाईकोर्ट से वे बरी हुए। आज वे संविधान, समानता, आदिवासी अधिकारों और सामाजिक न्याय को जीवन का आधार मानते हैं।
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