‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड 2 | ‘परीक्षा पे चर्चा’ नरेन्द्र मोदी की उन बातों में से एक है जिसकी व्यापकता बहुत है, जिसका महत्व अधिक है, पर बात कम होती है। परीक्षा एक ऐसा मानसिक भार होता है जो बच्चों को उचित मार्गदर्शन के अभाव में तोड़ सकता है। किसी पीएम का 6.5 करोड़ बच्चों तक पहुँचने का प्रयास करना, उस भार को हल्का करता है। पीएम मोदी का अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एक बहुत ही सरल, लेकिन गहरा संदेश - परीक्षा को उत्सव बनाएं, डर नहीं, अक्सर 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान घरों में तनाव का माहौल हो जाता है। आप घर में कर्फ्यू जैसा माहौल न बनाएं, बच्चों को एक ऐसा वातावरण दें, जहां वे खुलकर अपनी बात कह सकें और बिना किसी दबाव के पढ़ाई कर सकें। उन्होंने शिक्षकों को भी संदेश देते हुए कहा कि एक सच्चा शिक्षक वही है, जो केवल पढ़ाता नहीं, बल्कि अपने छात्रों को समझता है।
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