मध्यप्रदेश विधानसभा का शातकालीन सत्र छोटा जरूर था लेकिन इसमें बड़े काम हुए..किसानों की मुश्किलों से लेकर अनुपूरक बजट और नगर पालिका अधिनियम में संशोधन..सदन में सभी पर चर्चा भी हुई, घमासान भी देखने को मिला..5 दिनों के इस सत्र में क्या रहा खास चलिए बताते हैं.. 1 दिसंबर से 5 दिसंबर तक चला विधानसभा का शीतकालीन सत्र भले ही छोटा था, लेकिन कामकाज के लिहाज से ये बड़ा रहा..सबसे बड़ी और सबसे लंबी चर्चा..नियम 139 के तहत हुई.. जिसमें फसलों के नुकसान, अतिवृष्टि और किसानों की समस्याओं पर 23 घंटे तक बहस चली..विपक्ष ने हंगामा भी किया, वॉकआउट भी..लेकिन मुद्दे सदन के बीच बने रहे..दो शासकीय संकल्प, तीन अशासकीय संकल्प पेश हुए..नगर पालिका अधिनियम में अहम संशोधन हुआ..अब प्रदेश में निकाय अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष होगा..वहीं सरकार का 13,797 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी पास हो गया..जिसके बाद सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुआ..अंत में पक्ष–विपक्ष ने एक-दूसरे के प्रति आभार भी जताया.. नेता प्रतिपक्ष ने अगली बार लंबा सत्र होने की उम्मीद जताई..इस सत्र में 746 प्रश्नों के जवाब दिए गए..432 ध्यानाकर्षण हुए, 3 अशासकीय संकल्प पर चर्चा हुई।
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