क्या आपकी सैलरी घटने वाली है? नए नियमों से कर्मचारियों पर क्या होगा असर ?

भारत में पहले 29 अलग-अलग लेबर लॉज थे, जो कन्फ्यूजिंग थे। अब इन्हें चार कोड्स में समेट दिया गया है- कोड ऑन वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड , कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी और OSHWC कोड । वेज कोड 21 नवंबर 2025 से एक्टिव हो गया।

भारत में पहले 29 अलग-अलग लेबर लॉज थे, जो कन्फ्यूजिंग थे। अब इन्हें चार कोड्स में समेट दिया गया है- कोड ऑन वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड , कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी और OSHWC कोड । वेज कोड 21 नवंबर 2025 से एक्टिव हो गया है। अगले 45 दिनों में डिटेल्ड रूल्स नोटिफाई होंगे। जिसके तहत सभी कंपनियों को अपने सैलरी स्ट्रक्चर को रीस्ट्रक्चर करना होगा। नए कोड्स में मुख्य बदलाव ये है कि बेसिक सैलरी, डियरनेस अलाउंस और रिटेनिंग अलाउंस मिलाकर CTC का 50% या गवर्नमेंट नोटिफाई % होना चाहिए।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article