छिंदवाड़ा, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गढ़ माना जाता है, वहां अब कार्यकारिणी भंग कर दी गई है और नए सिरे से गठन होगा।गाइडलाइन के मुताबिक, हर जिले की कार्यकारिणी में 51 सदस्य ही शामिल हो सकते हैं। सिर्फ छिंदवाड़ा ही नहीं, सागर, मऊगंज और झाबुआ की कार्यकारिणी भी भंग की गई है। इस नए गठन में यह देखना होगा कि कौन-कौन से चेहरे शामिल होंगे और कांग्रेस अपने संगठन को कैसे मजबूत करेगी।
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