छत्तीसगढ़..जिसे कभी शांति और सौहार्द का प्रदेश कहा जाता था..वहां एक बार फिर हिंसा की आग भड़की..कोंडागांव में उग्र विरोध ने हालात बिगाड़ दिए..तोड़फोड़ और आगजनी ने कई सवाल लेकर आई है..कवर्धा के लोहारीडीह से शुरू हुआ तनाव..बलौदाबाजार में हिंसा..रायगढ़ और कांकेर में झड़प.. और अब कोंडागांव..घटनाओं की ये लगातार कड़ी कई सवाल खड़े कर रही है..दरअसल कोंडागांव में मक्का प्रोसेसिंग फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध अचानक उग्र हो गया..देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसा में बदल गया..फैक्ट्री परिसर में तोड़फोड़ हुई.. आगजनी हुई और हालात बेकाबू हो गए..पुलिस और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा..सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन को पहले से आशंका नहीं थी..क्या खुफिया तंत्र को कोई संकेत नहीं मिला था..या फिर हालात का सही आकलन नहीं हो पाया..अब इसको लेकर कांग्रेस कानून-व्यवस्था और सिस्टम की नाकामी पर सवाल खड़े कर रही है..
यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
{{#pages}}
{{/pages}}
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us