शादी से पहले कुंडली नहीं, ब्लड ग्रुप मिलाना है जरूरी! जानिए क्यों?

शादी से पहले ब्लड ग्रुप और Rh-Factor की जांच बेहद जरूरी है। Rh-नेगेटिव मां और Rh-पॉजिटिव पिता की स्थिति में बच्चे को खतरा हो सकता है, लेकिन समय पर Anti-D इंजेक्शन से इसे रोका जा सकता है।

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जब भी शादी की बात आती है, तो हमारे समाज में कुंडली, गुण और गोत्र मिलाने की लंबी प्रक्रिया शुरू हो जाती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक छोटी सी मेडिकल रिपोर्ट आपकी आने वाली जिंदगी और आपके बच्चों के भविष्य के लिए कुंडली से भी ज्यादा जरूरी हो सकती है? जी हां, हम बात कर रहे हैं ब्लड ग्रुप की। मेडिकल साइंस कहता है कि ब्लड ग्रुप का आपके आपसी प्यार या रिश्ते की मजबूती से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन जब बात प्रेग्नेंसी और एक स्वस्थ बच्चे की आती है, तो 'Rh-Factor' यानी खून का पॉजिटिव या नेगेटिव होना एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित होता है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह न केवल बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है, बल्कि मां की सेहत के लिए भी गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता है।अब सवाल यह है कि क्या अलग ब्लड ग्रुप होने पर शादी नहीं करनी चाहिए? बिल्कुल नहीं! असल में समस्या तब आती है जब मां का ब्लड ग्रुप Rh-Negative हो और पिता का Rh-Positive। ऐसी स्थिति में जन्म लेने वाले बच्चे में एनीमिया या पीलिया जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है—आज की आधुनिक मेडिकल साइंस इतनी एडवांस है कि केवल एक 'Anti-D' इंजेक्शन से इस खतरे को पूरी तरह टाला जा सकता है। इसलिए, शादी से पहले ब्लड ग्रुप की जानकारी होना डराने के लिए नहीं, बल्कि सही समय पर सही सावधानी बरतने के लिए जरूरी है। याद रखिए, जागरूकता ही एक स्वस्थ और खुशहाल परिवार की पहली सीढ़ी है। तो अगली बार सिर्फ कुंडली के सितारे न देखें, बल्कि खून की रिपोर्ट पर भी एक नजर जरूर डालें!" "इसके अलावा, एक-दूसरे का ब्लड ग्रुप जानना सिर्फ प्रेग्नेंसी के लिए ही नहीं, बल्कि किसी भी मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी जीवन रक्षक साबित हो सकता है। खुदा न खास्ता, अगर कभी परिवार में किसी को अचानक खून की जरूरत पड़े, तो आपको पहले से पता होगा कि क्या पति-पत्नी एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं या उन्हें बाहर से डोनर ढूंढना होगा। जैसे $O-$ ग्रुप वाले 'यूनिवर्सल डोनर' होते हैं, जो किसी को भी खून दे सकते हैं। शादी से पहले यह छोटी सी जानकारी किसी भी अनहोनी के समय घबराहट को कम कर सकती है और सही समय पर सही फैसला लेने में मदद करती है। याद रखें, शादी का मतलब है हर मुश्किल में एक-दूसरे का साथ देना, और मेडिकल रिपोर्ट की यह समझ उसी सुरक्षा की पहली कड़ी है

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