सावधान! आयुष्मान कार्ड के नाम पर हो रही ठगी..! ठगों के नए पैंतरे देख सरकार ने जारी की चेतावनी!

आयुष्मान कार्ड को हर साल रिन्यू कराने का दावा पूरी तरह गलत है। कार्ड तब तक वैध रहता है जब तक आप पात्र हैं। 5 लाख की लिमिट हर साल अपने आप रिन्यू होती है। रिन्यूअल के नाम पर कॉल, OTP या पैसे मांगने वाले ठगों से सतर्क रहें।

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अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है या आप इसे बनवाने की सोच रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। अक्सर लोगों के मन में यह बड़ा भ्रम रहता है कि क्या आयुष्मान कार्ड को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है? क्या साल खत्म होते ही यह बेकार हो जाता है? तो इसका जवाब है—बिल्कुल नहीं! एक बार कार्ड बन जाने के बाद यह तब तक वैध रहता है जब तक आप इस योजना के पात्र हैं। आपको हर साल नए कार्ड के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने या नया आवेदन करने की रत्ती भर भी जरूरत नहीं है। हाँ, इलाज के लिए मिलने वाली 5 लाख रुपये की जो सालाना लिमिट है, वह हर साल अपने आप यानी ऑटोमेटिक रिन्यू हो जाती है। मिसाल के तौर पर, अगर आपने इस साल कुछ पैसे इलाज में खर्च कर दिए हैं, तो अगले साल की शुरुआत में वो लिमिट फिर से पूरी 5 लाख हो जाएगी। इसके लिए आपको किसी को एक रुपया भी देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया सरकार की ओर से निशुल्क और पारदर्शी रखी गई है... लेकिन जानकारी की कमी का फायदा उठाकर अब ठगों ने लोगों को शिकार बनाना शुरू कर दिया है। आजकल जालसाज आयुष्मान कार्ड रिन्यूअल के नाम पर लोगों को कॉल कर रहे हैं और नई लिस्ट में नाम जुड़वाने का झांसा देकर आपसे (OTP) या बैंक डिटेल्स मांग रहे हैं। कई बार तो व्हाट्सएप पर फर्जी लिंक भेजकर आपका मोबाइल तक हैक करने की कोशिश की जा रही है। याद रखिए, सरकार कभी भी फोन पर आपसे आपकी पर्सनल जानकारी नहीं मांगती और न ही कोई अधिकारी आपसे पैसे की डिमांड करता है। आयुष्मान कार्ड बनवाने या चेक करने का सही तरीका सिर्फ सरकारी पोर्टल, 'आयुष्मान ऐप' या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर ही है। अगर कोई एजेंट आपसे रिन्यूअल के नाम पर पैसे मांगे, तो तुरंत समझ जाइए कि वह फर्जी है। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको और आपकी मेहनत की कमाई को इन डिजिटल लुटेरों से बचा सकती है। सतर्क रहें और इस जानकारी को दूसरों तक भी पहुंचाएं।

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