छत्तीसगढ़ में विश्वविद्यालयों की जांच व्यवस्था में ऐसा बदलाव..जिसने सियासत को गरमा दिया है..सवाल ये नहीं कि जांच हो या नहीं..सवाल ये है कि जांच की चाबी किसके हाथ में होगी.., दरअसल लोक भवन से जारी आदेश के मुताबिक अब प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों में किसी भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले राज्यपाल की अनुमति जरूरी होगी..यही नहीं..जांच पूरी होने के बाद अंतिम फैसला भी कुलाधिपति यानी राज्यपाल की इजाजत से ही होगा..यानि नीति सरकार बनाए..लेकिन जांच पर आख़िरी मुहर राजभवन की होगी..ये फैसला ऐसे वक्त आया है, जब कई विश्वविद्यालयों में पहले से विभागीय जांच चल रही है..इस मसले पर सियासत भी शुरू हो गई है..पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने कहा कि महामहिम राजनीति कर रहे हैं..सरकार के कामों में हस्तक्षेप हो रहा है..विधेयक अटके हैं।
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