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Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने इनकम टैक्स को सख्त और पारदर्शी बनाने पर बड़ा जोर दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि आय छुपाने वालों पर अब भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। बजट प्रस्तावों के मुताबिक अगर कोई करदाता अपनी आय छुपाता है तो उस पर देय टैक्स के साथ 30 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और ईमानदार करदाताओं को राहत मिलेगी।
टीडीएस और टीसीएस नियमों में बदलाव
वित्त मंत्री ने कहा कि मैनपावर सप्लाई सेवाओं को अब स्पष्ट रूप से ठेकेदार सेवाओं के दायरे में लाया जा रहा है ताकि किसी तरह की अस्पष्टता न रहे। इन सेवाओं पर टीडीएस की दर 1 प्रतिशत या 2 प्रतिशत ही लागू होगी। वहीं विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस की दर को 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर सीधे 2 प्रतिशत कर दिया गया है। शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर भी टीसीएस अब 2 प्रतिशत ही लगेगा।
छोटे करदाताओं को राहत और रिटर्न की समय सीमा में बदलाव
बजट में छोटे करदाताओं के लिए एक नई स्कीम का ऐलान किया गया है जिसके तहत नियम आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया से कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट मिल सकेगा। इसके लिए अब असेसिंग ऑफिसर के पास आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही संशोधित रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है हालांकि इसके लिए नाममात्र शुल्क देना होगा।
नया आयकर कानून और अपराधों का सरलीकरण
वित्त मंत्री ने बताया कि आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा पूरी हो चुकी है और नया आयकर अधिनियम 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें भाषा और संरचना दोनों को सरल बनाया गया है। कुछ तकनीकी और मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है लेकिन गंभीर मामलों में सख्ती बनी रहेगी।
कुल मिलाकर बजट 2026 में सरकार का संदेश साफ है कि टैक्स सिस्टम को सरल बनाया जाएगा लेकिन आय छुपाने और नियमों से बचने वालों पर अब पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई होगी
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