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RAIL Budget 2026: वित्तमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रफ्तार देने के लिए बजट में बड़ा प्रस्ताव रखा है। देश में 7 हाई स्पीड रेल कॉरीडोर बनाए जाएंगे, जिससे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा और व्यापार को रफ्तार मिलेगी। इसके साथ ही हर आर्थिक शहरी केंद्र को 5 हजार करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी। जल परिवहन को मजबूत करने के लिए पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत की सुविधाएं विकसित होंगी, जबकि अगले 5 वर्षों में 20 नए वॉटर वे बनाने की भी घोषणा की गई है। सरकार का जोर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के जरिए आर्थिक विकास तेज करने पर बताया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने बजट 2026–27 में Ministry of Railways के लिए अब तक का सबसे आक्रामक और विस्तृत इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप पेश किया है। आउटकम बजट दस्तावेज के मुताबिक रेलवे सेक्टर में कुल ₹1.31 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश प्रस्तावित किया गया है, जिसका सीधा असर यात्री सुविधाओं, माल ढुलाई, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स लागत पर पड़ेगा। सरकार का फोकस नए रोलिंग स्टॉक, नई रेल लाइनों, गेज कन्वर्जन और बड़े पैमाने पर ट्रैक डबलिंग पर रखा गया है।
देशभर में 7 हाई स्पीड रेल कॉरीडोर
देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेगी। इसके साथ ही हर प्रमुख आर्थिक शहरी क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी। बिहार के पटना और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में जहाजों की मरम्मत से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। वहीं, अगले 5 वर्षों में 20 नए जलमार्ग (वॉटरवे) तैयार किए जाएंगे, जिससे परिवहन और व्यापार को नई गति मिलेगी।
रेलवे के लिए रिकॉर्ड रोलिंग स्टॉक प्लान
बजट दस्तावेज के अनुसार 2026–27 में रेलवे के लिए ₹52,108.73 करोड़ सिर्फ रोलिंग स्टॉक पर खर्च किए जाएंगे। इसके तहत देशभर में 1,700 नए लोकोमोटिव ऑपरेशनल किए जाएंगे। साथ ही 9,000 नए यात्री कोच और 113 आधुनिक ट्रैक मशीनें भी नेटवर्क में शामिल की जाएंगी। सरकार का दावा है कि इससे ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, मेंटेनेंस बेहतर होगा और यात्रियों को ज्यादा भरोसेमंद सेवा मिलेगी।
नई लाइन, गेज कन्वर्जन और डबलिंग पर बड़ा फोकस
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए सरकार ने ₹79,071.55 करोड़ का प्रावधान किया है। इस राशि से 500 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 100 किलोमीटर गेज कन्वर्जन और 2,400 किलोमीटर ट्रैक डबलिंग की जाएगी। इस योजना का मकसद उन इलाकों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है जो अब तक कनेक्टिविटी से वंचित रहे हैं, खासतौर पर नक्सल प्रभावित, जनजातीय और रणनीतिक दृष्टि से अहम क्षेत्र।
15 नए इलाकों तक पहुंचेगी रेलवे
सरकार के अनुसार नई लाइनों के जरिए 15 नए स्थानों को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे न सिर्फ लोगों की आवाजाही आसान होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
यात्री और माल ढुलाई में बढ़ोतरी का दावा
आउटकम बजट में अनुमान जताया गया है कि इन निवेशों के चलते यात्री थ्रूपुट में 4.91 प्रतिशत की वृद्धि होगी। वहीं माल ढुलाई यानी फ्रेट थ्रूपुट में 0.89 प्रतिशत का इजाफा होने की संभावना है। ट्रैक डबलिंग से भीड़भाड़ वाले रूट्स पर ज्यादा मालगाड़ियां चल सकेंगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सिस्टम ज्यादा तेज और कुशल बनेगा।
लॉजिस्टिक्स लागत घटाने की रणनीति
सरकार का मानना है कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से सड़क परिवहन पर दबाव कम होगा और लॉजिस्टिक्स लागत में गिरावट आएगी। इससे उद्योग, कृषि और निर्यात सेक्टर को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
बजट का संदेश साफ
बजट 2026–27 में रेलवे को लेकर सरकार का संदेश साफ है, नेटवर्क का विस्तार, क्षमता बढ़ाना और देश के हर कोने को जोड़ना। बड़े निवेश के जरिए रेलवे को आर्थिक विकास का इंजन बनाने की रणनीति पर सरकार आगे बढ़ती नजर आ रही है।
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