Budget 2026: सोना-चांदी सस्ते होने की उम्मीद, कस्टम ड्यूटी कटने से निवेशकों और ज्वेलरी इंडस्ट्री को मिल सकती है बड़ी राहत

Budget 2026: बजट 2026 से पहले सोना और चांदी को लेकर बाजार में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। अंदाजे लगाए जा रहे हैं कि सरकार कस्टम ड्यूटी में कटौती का ऐलान कर सकती है।

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Budget 2026: 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) से पहले सोना और चांदी को लेकर बाजार में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। अंदाजे लगाए जा रहे हैं कि सरकार कस्टम ड्यूटी में कटौती का ऐलान कर सकती है, जिससे कीमतों में नरमी आ सकती है।

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कस्टम ड्यूटी घटने से कितनी सस्ती हो सकती है धातु

अगर सरकार सोना और चांदी पर कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करती है, तो सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3000 रुपए तक और चांदी प्रति किलो लगभग 6000 रुपए तक सस्ती हो सकती है।

जनवरी 2026 में क्या हैं मौजूदा दाम

फिलहाल जनवरी 2026 में 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 50 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 3 लाख 50 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो आम खरीदारों के लिए ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

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बीते वर्षों में क्यों बढ़े दाम

आंकड़ों के मुताबिक 2025 में सोने की कीमतों में करीब 75 प्रतिशत और चांदी में 167 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई थी, जिससे निवेश तो बढ़ा लेकिन उपभोक्ता मांग पर दबाव भी बना।

तस्करी रोकने के लिए ड्यूटी कटौती का प्लान

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी मिलाकर कुल टैक्स करीब 9 प्रतिशत बैठता है, जिससे तस्करों को ग्रे मार्केट में भारी मुनाफा मिल रहा है। ड्यूटी घटाने से इस अंतर को कम किया जा सकता है।

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2024 की ड्यूटी कटौती का अनुभव

जुलाई 2024 के बजट में इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत की गई थी, जिसके बाद ज्वेलरी की मांग में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई।

चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग

ईवी बैटरी, सोलर पैनल और सेमीकंडक्टर उद्योग में चांदी की खपत बढ़ रही है। ऐसे में ड्यूटी कटौती से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को मजबूती मिल सकती है।

निवेशकों के लिए क्या हो रणनीति

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट के आसपास उतार चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय किस्तों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

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