Tokyo Paralympic 2020: भाविनाबेन ने रचा इतिहास, बनी रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी

Tokyo Paralympic 2020: भाविनाबेन ने रचा इतिहास, बनी रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी

Bhavina Patel

टोक्यो। भाविनाबेन पटेल को टोक्यो खेलों Tokyo Paralympic 2020 की टेबल टेनिस क्लास 4 स्पर्धा के महिला एकल फाइनल में रविवार को यहां दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी चीन की झाउ यिंग के खिलाफ 0-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा लेकिन वह एतिहासिक रजत पदक के साथ पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनने में सफल रहीं।

चौंतीस साल की भाविनाबेन दो बार की स्वर्ण पदक विजेता झाउ के खिलाफ 19 मिनट में 7-11, 5-11, 6-11 से हार गई। वह हालांकि भारत को मौजूदा पैरालंपिक खेलों का पहला पदक दिलाने में सफल रहीं। Tokyo Paralympic 2020 भाविनाबेन पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) की मौजूदा अध्यक्ष दीपा मलिक पांच साल पहले रियो पैरालंपिक में गोला फेंक में रजत पदक के साथ पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं थी।

पैरालंपिक की टेबल टेनिस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी भाविनाबेन के हवाले से अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा, ‘‘मैं पदक जीतकर बेहद खुश हूं लेकिन थोड़ी निराश भी हूं। मैं थोड़ी नर्वस हो गई थी।’’ व्हीलचेयर पर बैठकर खेलने वाली भाविनाबेन को इस हफ्ते की शुरुआत में अपने पहले ग्रुप मैच में भी झाउ के खिलाफ Tokyo Paralympic 2020 शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करती हूं कि अगली बार जब मैं उसका सामना करूंगा तो आपको अलग नजर आऊंगी। उसने स्पष्ट तौर पर दबदबा बनाया और मेरे प्रयासों को विफल करने के लिए उसके पास सारे शॉट थे। हालांकि में आपको आश्वस्त कर सकती हूं कि यह पदक अहम साबित होगा।’’

भाविनाबेन पांच साल पहले अपने दस्तावेजों में कुछ समस्या के कारण रियो ओलंपिक नहीं जा सकी थी लेकिन अब उन्होंने पदक जीतकर इस निराशा को दूर कर दिया है। बीजिंग और लंदन में स्वर्ण पदक सहित पैरालंपिक में पांच पदक जीतने वाली झाउ के खिलाफ भाविनाबेन जूझती नजर आईं और अधिकतर समय वापसी करने की कोशिशों में लगी रहीं। विश्व चैंपियनशिप की छह बार की पदक विजेता झाउ ने दुनिया की 12वें Tokyo Paralympic 2020 नंबर की खिलाड़ी भाविनाबेन को कोई मौका नहीं दिया।

झाउ ने पहले गेम में 3-3 के स्कोर के बाद 7-5 की बढ़त बनाई। भाविनाबेन ने कुछ अंक और जुटाए लेकिन चीन की खिलाड़ी पहला गेम जीतने में सफल रही। दूसरे गेम में झाउ ने शानदार शुरुआत करते हुए 7-1 की बढ़त बनाई जिसके बाद उन्हें दूसरा गेम जीतकर 2-0 की बढ़त बनाने में कोई परेशानी नहीं हुई। तीसरे गेम में भाविनाबेन ने झाउ Tokyo Paralympic 2020 को कड़ी टक्कर देने की कोशिश की। एक समय स्कोर 5-5 से बराबर था लेकिन इसके बाद चीन की खिलाड़ी ने जोरदार खेल दिखाते हुए गेम, मैच और खिताब जीत लिया।

मात्र 12 महीने की उम्र में पोलियो से संक्रमित होने वाली भाविनाबेन ने शनिवार को सेमीफाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी मियाओ झैंग को 7-11, 11-7, 11-4, 9-11, 11-8 से हराया था। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में भाविनाबेन ने रियो पैरालंपिक की स्वर्ण पदक विजेता और दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी सर्बिया की बोरिस्लावा पेरिच रेंकोविच को हराकर पदक सुनिश्चित करते हुए इतिहास रचा था। पैरा टेबल टेनिस की क्लास 1 से 5 व्हीलचेयर खिलाड़ियों के लिए होती है। क्लास 4 के खिलाड़ियों का बैठने का संतुलन ठीक-ठाक होता है और उनकी Tokyo Paralympic 2020 बांह और हाथ पूरी तरह काम करते हैं।

भाविनाबेन 13 साल पहले अहमदाबाद के वस्त्रपुर क्षेत्र में ‘ब्लाइंड पीपल्स एसोसिएशन’ में इस खेल से जुड़ी। वह वहां दिव्यांग लोगों के लिए आईटीआई की छात्र थी। वहां उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों को टेबल टेनिस खेलते हुए देखा और इस खेल से जुड़ने का फैसला किया।

भाविनाबेन ने उम्मीद जताई कि उनकी सफलता से Tokyo Paralympic 2020 दिव्यांगता के प्रति लोगों की धारणा बदलेगी और दिव्यांगों के लिए अधिक मौके बनेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े होते हुए मैं जिन चीजों से गुजरी हूं, मैं नहीं चाहती कि दिव्यांग लोगों की अगली पीढ़ी को उन चीजों का सामना करना पड़े।’’ भाविनाबेन ने कहा, ‘‘चीजों तक पहुंच एक बड़ा मुद्दा है और साथ ही नौकरी और अन्य मौके भी। अगर मेरे पदक के बाद किसी तरह अधिकारियों के कानों तक आवाज पहुंचेगी तो मुझे खुशी होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था ऐसा (पदक जीतना) होगा क्योंकि स्वदेश में करोड़ों लोग प्रार्थना कर रहे थे, समर्थन के लिए सभी को धन्यवाद।’’

भाविनाबेन ने अहमदाबाद के रोटरी क्लब का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रतियोगिता में अपना पहला पदक Tokyo Paralympic 2020 जीता। वह गुजरात के लिए जूनियर क्रिकेट खेलने वाले निकुंज पटेल के साथ विवाह करके अहमदाबाद में रहती हैं। भाविनाबेन पीटीटी थाईलैंड टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भारत के लिए रजत पदक जीतकर 2011 में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी बनी। अक्तूबर 2013 में भाविनाबेन ने बीजिंग में एशियाई पैरा टेबल टेनिस चैंपियनशिप में महिला एकल क्लास 4 का रजत पदक जीता।

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