आज का मुद्दा: मध्यप्रदेश में बिग फाइट ! शिवराज का दिग्गी और नाथ पर पलटवार

भोपाल। आज का मुद्दा: विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गजों के बीच बयानबाजी तल्ख होती जा रही है। अल्पसंख्यकों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर सीएम शिवराज ने उन्हें आड़े हाथ लिया। जाहिर है कि चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश दोनों ही दल कर रहे हैं।

आज का मुद्दा: मध्यप्रदेश में बिग फाइट ! शिवराज का दिग्गी और नाथ पर पलटवार

भोपाल। आज का मुद्दा: विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गजों के बीच बयानबाजी तल्ख होती जा रही है। अल्पसंख्यकों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के ताजा बयान पर सीएम शिवराज ने उन्हें आड़े हाथ लिया। जाहिर है कि चुनाव से पहले अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश दोनों ही दल कर रहे हैं।

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दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर हमला

सीएम शिवराज सिंह ने तल्ख अंदाज में दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर हमला बोला। शिवराज सिंह की ये तल्खी उस बयान के बाद आई, जिसमें दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मुस्लिमों की वजह हिंदुओं की आबादी बढ़ रही है। जाहिर है कि 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अल्पसंख्यकों को लेकर सियासत जोर पकड़ रही है। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच भी तकरार बढ़ने लगी है। यानी एमपी की सियासत के केंद्र में अल्पसंख्यक आ गए हैं और अब दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के वो बयान सुन लीजिए, जिसपर शिवराज ने दोनों नेताओं को आड़े हाथ लिया।

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कमलनाथ ने भी दंगे होने की बात कही थी

कुछ दिन पहले इफ्तार पार्टी में कमलनाथ ने भी देशभर में दंगे होने की बात कही थी, जिसपर भी शिवराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और ये पहली दफा नहीं है जब सीएम शिवराज दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयानों को लेकर सख्त दिख रहे हो। कई बार वो कांग्रेस के नेताओं पर सीधा हमला करते आए हैं।

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नेताओं के बयान भी थोड़े तल्ख हो जाते हैं

यूं तो मध्यप्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है। हालांकि, अल्पसंख्यकों को लेकर बयानबाजी कभी-कभी प्रदेश की सियासत को गरमा देती है। चुनावी साल है तो अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए नेताओं के बयान भी थोड़े तल्ख हो जाते हैं। ऐसे में ध्यान देने वाली बात ये है कि प्रदेश में शांति बनाए रखने का जिम्मा दोनों दलों पर तो है ही साथ ही इसकी जिम्मेदारी नेताओं के साथ मीडिया पर भी है, ताकि मध्यप्रदेश की शांति भंग ना हो।

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