Breaking News: TMC के बागियों का भाजपा से मोहभंग, जनता के बीच जाकर मांग रहे माफी

Breaking News: TMC के बागियों का भाजपा से मोहभंग, जनता के बीच जाकर मांग रहे माफी TMC rebels disillusioned with BJP, seeking apology in public

Breaking News: TMC के बागियों का भाजपा से मोहभंग, जनता के बीच जाकर मांग रहे माफी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा के चुनाव काफी चर्चाओं में रहे। यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए थे। हजारों लोगों ने भाजपा को समर्थन दिया था। वहीं भाजपा की भी चुनाव प्रचार के दौरान यहां तेज लहर देखने को मिल रही थी। वहीं चुनाव के परिणामों के बाद भाजपा को यहां करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। अब यहां टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ताओं का भाजपा से मोह भंग हो रहा है। इतना ही नहीं भाजपा में शामिल हुए कार्यकर्ता अब जनता के बीच जाकर माफी मांग रहे हैं। साथ ही टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल होने को एक बड़ी गलती बता रहे हैं। बीरभूम जिला में लाभपुर, बोलपुर और सैंथिया से लेकर हुगली जिले के धनियाकली तक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस तरह सार्वजनिक माफीनामा मांगा।

बोलपुर वॉर्ड संख्या 18 में सार्वजनिक माफी के ऐलान कार्यकर्ताओं ने कहा कि बीजेपी ने समझा-बुझाकर किसी तरह मनाया था। पर वह फ्रॉड पार्टी है। हमारे पास ममता बनर्जी के अलावा और कोई विकल्प नहीं है और हम उनके विकास कार्यक्रम का हिस्सा बनने लगते हैं। टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए मुकुल मंडल ने भी घर वापसी कर ली है। साथ ही 300 कार्यकर्ताओं ने भाजपा छोड़ वापिस टीएमसी का दामन थाम लिया है। पूर्व बीजेपी युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष तपस साहा भी इस सूची में शामिल हैं। तपस ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हम गलती से भाजपा में शामिल हो गए थे। तपस ने कहा कि अब तृणमूल में वापस आ गया है। भाजपा में रहते हुए लोगों के लिए कुछ नहीं कर पाता। अब ममता के विकास कार्यों के जरिए लोगों के काम आऊंगा।

भाजपा ने लगाया डराने-धमकाने का आरोप...
वहीं भाजपा ने नेताओं की घर वापसी को लेकर बयान दिया है। भाजपा ने सार्वजनिक माफीनामे के पीछे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी की “डराने और धमकाने” वाली चाल बताई है। बता दें कि बीते दिनों यहां विधानसभा का चुनाव संपन्न हुआ है। इस चुनाव में काफी सियासी पारा देखने को मिला था। जहां भाजपा ने इपने केंद्रीय नेतृत्व को चुनाव में उतारा था। वहीं ममता बनर्जी ने भी अपनी पूरी ताकत चुनाव में झोंक दी थी। हालांकि यहां भाजपा की काफी लहर भी देखने को मिली थी। इसके बावजूद भी यहां टीएमसी ने जीत दर्ज की है।

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