टीकमगढ़ नगर पालिका CMO सस्पेंड: थाना प्रभारी से गाली-गलौज और पैर काटने की धमकी देने पर कमिश्नर ने लिया एक्शन

Tikamgarh News: सागर संभागायुक्त डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने टीकमगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिलीप पाठक को थाना प्रभारी रामलाल प्रजापति को गली बंद करने, अभद्र व्यवहार और पैर काटने की धमकी देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

टीकमगढ़ नगर पालिका CMO सस्पेंड: थाना प्रभारी से गाली-गलौज और पैर काटने की धमकी देने पर कमिश्नर ने लिया एक्शन

सागर संभागायुक्त डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत। (फाइल फोटो)

हाइलाइट्स
  • टीकमगढ़ नगर पालिका अधिकारी सस्पेंड।
  • थाना प्रभारी से अभद्र व्यवहार करने का आरोप।
  • जांच में उजागर हुए आरोप पर हुई कार्रवाई।

Tikamgarh News: सागर कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने टीकमगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिलीप पाठक को थाना प्रभारी रामलाल प्रजापति को गली बंद करने, अभद्र व्यवहार और पैर काटने की धमकी देने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

यह कार्रवाई संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सागर संभाग द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।

जांच में सामने आए आरोप

थाना प्रभारी रामलाल प्रजापति के पिता जगन्नाथ प्रजापति ने दिलीप पाठक के खिलाफ आवेदन दायर किया था। इसमें आरोप लगाया गया कि पाठक ने प्रजापति को गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और हाथ-पैर काटने की धमकी दी।

इसके साथ ही आरोपी अधिकारी द्वारा किए गए वार्तालाप का एक ऑडियो भी प्रस्तुत किया गया। जिसे सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत पाया गया।

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नगर पालिका कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश

जांच में यह भी पाया गया कि दिलीप पाठक ने नगर पालिका के सभी कर्मचारियों को अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना बड़ागांव धसान में आवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दिए बिना की गई, जो नियमों के खिलाफ है।

निलंबन का आधार

प्रतिवेदन के परिशीलन के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि दिलीप पाठक ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता दिखाई। उनके कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के उपनियम का उल्लंघन करते हैं।

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इसके आधार पर उन्हें एमपी नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 के नियम 36 और राज्य सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

अब इस मामले में आगे की जांच की जाएगी और संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने प्रशासनिक अनुशासन और सिविल सेवा आचरण नियमों के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है।

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