कश्मीर के लवायपोरा मुठभेड़ में मार गये तीन युवक आतंकवाद में लिप्त थे: आईजीपी

श्रीनगर, 18 जनवरी (भाषा) पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) (कश्मीर) विजय कुमार ने सोमवार को कहा कि पिछले महीने लवायपोरा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मार गये तीन युवक आतंकवाद में लिप्त थे और पुलिस ठोस सबूतों के साथ शीघ्र ही उनके अभिभावकों को इस बात का विश्वास दिला देगी।

कुमार ने कहा, ‘‘ उनकी संलिप्तता करीब 60 प्रतिशत साबित हो गयी है। हम और आंकड़े जुटा रहे हैं तथा उनके अभिभावकों को विश्वास दिला देंगे।’’

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अबतक हमने जो मेटा डाटा एकत्र किया है उसके अनुसार मुठभेड़ में मारे गये तीनों आतंकवाद में शामिल थे। वे आतंकवादियों को जरूरी सहायता पहुंचा रहे थे। हम कुछ और दिन चाहिए ताकि हम सबूत इकट्ठा कर पायें और जिसे सबसे पहले हम इन युवकों के अभिभावकों के सामने (आतंकवाद में) उनकी संलिप्तता को पर विश्वास दिलाने के लिए रखेंगे।’’

सुरक्षा बलों ने कहा था कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में श्रीनगर के बाहरी इलाके लावयपोरा में मुठभेड़ में तीन स्थानीय आतंकवादी मारे गये थे । हालांकि उनके परिवारों ने दावा किया कि वे आम नागरिक थे।

तीनों के शव उनके परिवारों को सौंपे जाने की मांग के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि इसका सवाल नहीं पैदा होता है क्योंकि आतकवाद में उनकी संलिप्तता साबित हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि मारे गये आतंकवादियों के शव उनके परिवारों को कोविड-19 महामारी के चलते नहीं सौंपे जा रहे हैं क्योंकि अंतिम संस्कार में लोगा एकत्र हो सकते हैं और नियमों का उल्लंघन कर सकते हैं।

जब कुमार से इस आरोप पर सवाल किया गया कि आमशीपुरा में राजौरी के तीन व्यक्तियों की कथित फर्जी मुठभेड़ पैसे के लालच से हुआ, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘पुरस्कार राशि किसी अधिकारी को नहीं, बल्कि सूत्र को दी जाती है। इस मामले में उनके कंपनी कमांडर ने वादा किया था और सूत्र को पैसा दिया गया है। सूत्र ने मजिस्ट्रेट के सामने कबूल किया कि उसे पैसे मिले। उसने यह नहीं कहा कि मेजर या कमांडिंग अधिकारी को पैसे मिले।’’

गणतंत्र दिवस की तैयारी के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘हमने सारी तैयारियां कर ली हैं। तलाशी शुरू हो गयी है और नाके स्थापित कर दिये गये है। हमारे कर्मी तैयार हैं तथा तकनीकी एवं मानवीय संसाधन भी तैयार हैं हम निगरानी रख रहे हैं। आतंकवाद कोशिश करेंगे, लेकिन हम चौकस हैं और हमारा ध्यान एहतियाती खुफिया सूचना पर है…कुछ एहतियाती गिरफ्तारियां भी की गयी हैं।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव

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