New Criminal Laws: देश में लागू हुए तीन नए कानून, जानें क्या क्या हुआ बदलाव; 10 पॉइंट्स में आसानी समझें

New Criminal Laws: देशभर में 1 जुलाई से तीन नए कानून लागू हो गए हैं। अब अपराधियों को नए कानूनों के तहत सजा सुनाई जाएगी।

New Criminal Laws: देश में लागू हुए तीन नए कानून, जानें क्या क्या हुआ बदलाव; 10 पॉइंट्स में आसानी समझें

New Criminal Laws Changed Penalty from Crime: देशभर में 1 जुलाई से कानून (New Criminal Laws) की यह धाराएं बदल जाएंगी। सोमवार से तीन नई आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों में भी बदलाव किया गया है। 1 जुलाई से नए कानून लागू होने के बाद देश की न्याय प्रणाली में भी एक बड़ा बदलाव होने वाला है।

1 जुलाई 2024 से पहले तक देश में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता (New Criminal Laws) और 1872 का भारतीय साक्ष्य अधिनियम कानून लागू था, लेकिन अब उसके स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा सहायता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने ले लिया है। इन तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद कानून में क्या नए बदलाव आएंगे, चलिए उसको आसान भाषा में समझते हैं।

नए कानून लागू होने के बाद कुछ बदलाव तो देखने को भी मिलने वाले हैं। दरअसल, नए कानून के लागू होने के बाद जीरो एफआईआर एसएमएस (New Criminal Laws) के जरिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किसी को समन भेजना, पुलिस शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण होना, नए कानून के लागू होने के बाद से हमें देखने को मिलने वाला है।

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दरअसल, नए कानून से पहले जघन्य अपराध में पहले घटनास्थल पर वीडियो ग्राफी करना अनिवार्य नहीं था, लेकिन नए कानून लागू होने के बाद अब यह अनिवार्य हो जाएगा। पहले इनकी कोई बाध्यता नहीं रहती थी, लेकिन अब इसकी बाध्यता रहेगी। चलिए आपको 10 आसान पॉइंट्स में समझाते हैं कि आखिर इन तीन नए कानूनों की वजह से देश में क्या बड़े परिवर्तन होने वाले हैं।

ये 10 बदलाव आसान भाषा में समझें

1– आपराधिक मामलों में 1 जुलाई के बाद से जितने भी फैसले सुनाए जाएंगे, उसमें समय अवधि 45 दिन होने जा रही है। जबकि यह नए कानून लागू (New Criminal Laws) होने से पहले सुनवाई के बाद फैसला देने की अवधि 60 दिन तक होती थी। यानी अब फैसला आने में 15 दिन कम समय लगेगा।

2– नए कानून को लागू करने के बाद अब बलात्कार पीड़ितों (New Criminal Laws) का जब भी मेडिकल जांच (New Criminal Laws) करवाई जाएगी, तो हॉस्पिटल को हर कीमत पर 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

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3- अब बच्चों को खरीदना या बेचना जगन्घ अपराध होगा। साथ ही अगर नाबालिग के साथ बलात्कार होता है तो आजीवन कारावास या फिर मृत्यु दंड की सजा भी मिल सकती है।

4- नए कानून के बाद अब शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के बाद महिला को छोड़कर चले जाने पर भी सख्त सजा का प्रावधान कर दिया गया है।

5- अब से आरोपी और पीड़ित को, दोनों को 14 दिनों के भीतर पुलिस रिपोर्ट, चार्जशीट मिलने का पूरा अधिकार रहने वाला है।

6- नए कानून लागू में महिलाओं के खिलाफ अपराध होगा तो उस स्थिति में सभी हॉस्पिटल्स में उनका इलाज फ्री में किया जाएगा। साथ ही अगर बच्चों के साथ अपराध की स्थिति में भी सभी हॉस्पिटल्स को फ्री में इलाज करना होगा।

7- नए कानून में अब फरियादी को एफआईआर दर्ज करवानेके लिए पुलिस स्टेशन जाने की आवश्यता नहीं होगी। वह ऑनलाइन माध्यम से ही किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज करवा सकता है। साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर भी अगर वह चाहे तो एफआईआर दर्ज करवा सकता है।

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8- फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को अब गंभीर अपराध के मामले में घटनास्थल पर जाना जरूरी होगा। हालांकि, इससे पहले आवश्यकता के अनुसार यह फैसले लिए जाते थे।

9- नए कानून में लिंग की परिभाषा में ट्रांसजेंडर समाज के लोगों को भी शामिल किया गया है। इससे समानता को बढ़ावा मिलेगा और जमीनी स्थिति में भी बदलाव देखने को मिलेंगे।

10- पीड़ित महिला का बयान को जितना जल्दी हो सके मजिस्ट्रेट के द्वारा दर्ज करवाना चाहिए। साथ ही बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में ऑडियो और वीडियो माध्यम से बयान दर्ज होना चाहिए।

ये भी है जरूरी

नए कानून में महत्वपूर्ण बदलाव के अलावा नए कानून में कई धाराएं भी बदल दी गई हैं। उदाहरण के लिए अब बलात्कार की धारा 375 और 376 को समाप्त कर दिया गया है और उसके स्थान पर धारा 63 रहेगी।

जबकि, सामूहिक बलात्कार के मामले में धारा 70 लगाई जाएगी। इसी तरह हत्या होने पर अब धारा 302 नहीं बल्कि 101 लगाई जाएगी। देशभर में तीन नए कानून लागू होने के बाद 41 गंभीर अपराधों में सजा की अवधि को बढ़ा दिया गया है, 82 अपराधों में जुर्माना बढ़ा दिया गया है। मॉब लिंचिग और कुछ दूसरी घटनाओं को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाए हैं।

दिल्ली में दर्ज पहली एफआईआर

नए कानून के तहत दिल्ली में पहला केस दर्ज कर लिया गया है। दर्ज करवाई गई एफआईआर के अनुसार, एसआई कार्तिक मीणा ने नए कानून के तहत दिल्ली में पहली शिकायत दर्ज कराई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसआई नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास पट्रोलिंग कर रहे थे।

इस दौरान वह फुट ब्रिज के पास डीलक्स शौचालय के नजदीक पहुंचे। यहां पर एक व्यक्ति रेहड़ी लगाकर भीड़ वाले रास्ते पर पानी, बिड़ी और सिगरेट बेच रहा था, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों को काफी मुश्किल हो रही थी, जिसके बाद एसआई मीणा ने एफआईआर दर्ज करवाई।

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