Layoff: नहीं थम रहा छंटनी का दौर, अब इस भारतीय कंपनी ने अपने कई कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता

Layoff: नहीं थम रहा छंटनी का दौर, अब इस भारतीय कंपनी ने अपने कई कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता

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KOO Layoff: जब से दुनिया में कोरोना ने एंट्री ली है, तभी से कई टेक कंपनियां आर्थिक रूप से नुकसान झेल रही है। कोरोना के बाद दुनिया की कई बड़ी कंपनियों ने अपने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जहां अमेजन, फ्लिपकार्ट, गूगल समेत तमाम कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी की है। वहीं ग्लोबल छंटनी के इस दौर में माइक्रोब्लॉगिंग कंपनी ट्विटर की प्रतिद्वंदी भारतीय कंपनी (कू) KOO की अछूंती नहीं रही।

बता दें कि भारतीय कंपनी ने जानकारी दी है कि उसने पिछले कुछ महीनों में अपने 30 फीसदी कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। कंपनी ने बयान में कहा, “बाजार में मौजूदा स्थिति और ग्लोबल स्लोडाउन की हकीकत के बीच हम भी इससे प्रभावित हुए हैं। दुनिया की कुछ सबसे ज्यादा कमाई करे वाली कंपनियों ने भी हजारों छंटनियां की हैं। हम नई कंपनी हैं और हमें अभी और आगे जाना है। अभी वैश्विक स्तर पर रुख एफिसिएंशी की ओर बना हुआ है, न कि ग्रोथ और बिजनेस पर।”

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कू ने किया 30 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी

 30 फीसदी नौकरियों की कटौती

कंपनी ने अपने बयान में आगे कहा, “ऐसे वक्त में हर छोटी-बड़ी कंपनी को एफिशिएंट और कन्जर्वेटिव अप्रोच अपनाने की जरूरत है। इसी क्रम में हमने पिछले एक साल में अपने वर्कफोर्स में से 30 फीसदी नौकरियों की कटौती की है और उन्हें कम्पनसेशन पैकेज, हेल्थ बेनेफिट और आउटप्लेसमेंट सेवाएं दिलाई हैं।”

क्या भारतीय कंपनी कू को फंडिंग की जरूरत है?

भारतीय कंपनी ने फंडिंग की जरूरत को लेकर कहा कि उन्होंने जनवरी, 2023 में 10 मिलियन डॉलर का फंड इकट्ठा किया था, जिसके बाद अभी उन्हें फंड रेज़ करने की जरूरत नहीं है। हालांकि कू ने यह भी कहा कि फिलहालरेवेन्यू में अच्छी गति दिख रही है और जरूरत पड़ने पर वो आगे इस बारे में विचार करेंगे।

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बता दें कि माइक्रोब्लॉगिंग साईट ट्विटर को टक्कर के लिए लॉन्च किए गए कू ऐप को 3 सा ल बीत चुके है। महज 3 सालों में इस ऐप को लगभग 60 मिलियन लोगों ने डाउनलोड किया है। पिछले साल 2022 में कू ने माइक्रोब्लॉगिंग साईट से लोगों को पैसे कमाने में मदद करने के लिए मॉनेटाइजेशन का प्रयोग शुरू कर दिया था। कंपनी का कहना है कि इस प्रयोग के महज 6 महीने के भीतर ही दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों की तुलना में उसे डेली एक्टिव यूजर्स के जरिए सबसे ज्यादा एवरेज रेवेन्यू मिल रहा है।

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