kumbh Mela 2021: कुंभ का तीसरा शाही स्नान आज, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, कोरोना नियमों का हुआ उल्लंघन

हरिद्वार। देशभर में कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित हो रहे महाकुंभ में रविवार को कोरोना का बम फूटा है। कुंभ के अंतर्गत बुधवार को बैसाखी मेष संक्रांति के मौके पर तीसरा शाही स्नान होगा। इस दौरान 13 अखाड़ाें के साधु संत इसमें स्नान में हिस्सा लेंगे। जानकारी के अनुसार ये स्नान सुबह 10.15 से शुरू होकर शाम 5.30 बजे तक चलेगा। खास बात ये रहेगी कि इस स्नान के लिए साधु संत मेला प्रशासन ने 20 बिंदुओं की गाइडलाइंस जारी की हैं और उसकी पालना करना अनिवार्य होगा। आयोजन के चलते बुधवार को देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्‍था भी प्रभावित रहेगी।

महाकुंभ में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में सभी अखाड़ों के साधु-संत हरिद्वार में डेरा जमाए हुए हैं। कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए मेला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर कोरोना की टेस्टिंग की जा रही है। उसमें सभी अखाड़ों के साधु-संत भी शामिल हैं। रविवार को हरिद्वार में 401 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सहित साधु संत शामिल है। अभी भी कई बड़े साधु संतों की कोरोना की रिपोर्ट आनी बाकी है।

ऐसा रहेगा स्नान का सिलसिला
शाही स्ननान में सबसे पहला स्नान निरंजनी अखाड़ा करेगा। इसी अखाड़े के साथ आनंद अखाड़े से जुड़े संत भी स्नान करेंगे। दोनों अखाड़े 30 मिनट कर ब्रह्मकुंड में स्नान करेंगे। सुबह 10:50 से 11:20 बजे तकनिरंजनी अखाड़े के बाद जूना अखाड़ा स्नान करेगा। इसी अखाड़े के साथ अग्नि, आह्वाहन और किन्रर अखाड़े से जुड़े संत भी स्नान करेंगे। इसके बाद 11:50 से 12:20 बजे तक परंपरा है कि एक अखाड़े के स्नान के बाद ब्रह्मकुंड के घाट की धुलाई कर सफाई कराई जाती है। तभी दूसरा अखाड़ा स्नान के लिए आता है। निरंजनी और जूना दो बड़े अखाड़ों के स्नान के बाद बारी होगी महानिर्वाणी अखाड़े की। जिसके संत 11.50 से 12.20 बजे तक स्नान करेंगे। दोपहर 12:40 से 1:30 बजे तक तीन बड़े अखाड़ों के स्नान के बाद मेला प्रशासन फिर से ब्रह्मकुंड के आस-पास की धुलाई कर सफाई करेगा। इसके बाद निर्मोही, दिगंबर और निर्वाणी अणि अखाड़े के संत 50 मिनट तक ब्रह्मकुंड में स्नान करेंगे। दोपहर 2:50 से शाम 4:55  बजे तक अणि अखाड़ों के स्नान के बाद बारी होगी पंचायती बड़ा उदासीन और पंचायती नया उदासीन अखाड़ा की।

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