देश में कोरोना के ये तीन वैरिएंट सबसे ज्यादा मचा रहे हैं तबाही, जीनोम सिक्‍वेंसिंग से नए वैरिएंट का भी हो सकता है खुलासा

B1167 Variant

नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचाया हुआ है। देश में फरवरी से अचानक संक्रमण के मामले बढ़ने लगे थे। इसकी रफ्तार ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों को भी हैरत में डाल दिया है। क्योंकि किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह लहर भारत में इतना कोहराम मचाएगी। लेकिन क्या आपको पता है कि देश में एक नहीं बल्कि तीन वैरिएंट ने एक साथ हमला किया है।

B1167 सबसे ज्यादा खतरनाक

भारत में कोरोना वायरस के जिन तीन वैरिएंट या प्रकार ने सबसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचाया है उनमें बी117, बी1618 और बी11167 शामिल है। इनमें बी1167 को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने सबसे अधिक खतरनाक माना है। WHO का कहना है कि इस वैरिएंट से संक्रमण बड़ी तेजी से फैलता है। शायद यही वजह है कि भारत में आई कोरोना की दूसरी लहर में देश की लगभग 50 फीसद आबादी संक्रमण के घेरे में आई है।

संक्रमण के लगातार नए रूप सामने आ रहे हैं

साइंस जर्नल, नेचर में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के लगातार नए रूप सामने आ रहे हैं जो पहले के मुकाबले अधिक संक्रामक है और तेजी से फैलता है। इनकी वजह से ही देश में हालात खराब हो रहे हैं। सबसे पहले B117 के कई मामले राजधानी दिल्ली समेत पंजाब और महाराष्ट्र से सामने आए थे। इसी तरह B1618 का पहला मामला पश्चिम बंगाल में सामने आया।

देश में सबसे ज्यादा B1167 वैरिएंट नुकसान पहुंचा रहा है

लेकिन महाराष्ट्र में सबसे अधिक B1167 का प्रकोप देखने को मिला। यहां इसी वैरिएंट ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। महाराष्ट्र के अलावा कई राज्यों में भी इसी वैरिएंट ने नुकसान पहुंचाया। मौजूदा समय में देश के अधिकतर राज्यों में इस वैरिएंट के ही मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण का ये वैरिएंट सबसे ज्यादा मरज के फेंफड़ो पर असर डालता है।

कई और दूसरे वैरिएंट भी भारत में हो सकते हैं

कैब्रिज यूनिवर्सिटी के मुताबिक वायरस का ये वैरिएंट का प्रभाव इस कदर व्‍यापक था कि ये अब से पहले सामने आए सभी वैरिएंट पर भारी पड़ा। इसके संक्रमण की रफ्तार भी पहले के मुकाबले काफी तेज थी। विशेषज्ञ ये भी मानते हैं कि इसका प्रमुख कारण ये भी हो सकता है कि बी1667 दूसरे वैरिएंट के मुकाबले अधिक अनुकूलन क्षमता रखता है।

ब्रिटेन के बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के माइक्रोबियल जीनोमिस्‍ट निक लोमन का कहना है कि जितनी तेजी से भारत में वायरस का संक्रमण फैला है उसने इस बात की आशंका को बल दिया है कि इसके कई दूसरे वैरिएंट भी हो सकते हैं। इसका पता लगाने के लिए जीनोम सिक्‍वेंसिंग में तेजी लानी होगी।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password