Corona Vaccine: अब नहीं होगा 1 मई से 18+ का टीकाकरण, राज्यों में हो रही वैक्सीन की शॉर्टेज

Corona Vaccine: अब नहीं होगा 1 मई से 18+ का टीकाकरण, राज्यों में हो रही वैक्सीन की शॉर्टेज

नई दिल्ली। देश में कोरोना का असर कम करने के लिए वैक्सीनेशन की प्रक्रिया जारी है। 1 मई के वैक्सीनेशन को और तेज करते हुए 18 + लोगों का भी वैक्सीनेशन होगा। हालांकि इस मिशन को मनचाही रफ्ता मिलने में देरी हो सकती है। कुछ राज्य सरकारों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में टीके नहीं हैं। ऐसे में हर जगह वैक्सीनेशन होना मुश्किल है। दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलाय ने बुधवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास कोविड-19 रोधी एक करोड़ से अधिक टीके उपलब्ध हैं और अगले तीन दिनों में 57,70,000 और टीके उन्हें मिलेंगे।

टल गया 18+ वालों का टीकाकरण

कोरोना के खिलाफ जारी जंग में वैक्सीनेशन का तीसरा चरण एक मई से शुरू होना है। लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं हो पाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि उनके यहां 15 मई से ही 18 से अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। राजस्थान के अलावा अब महाराष्ट्र की ओर से भी साफ कर दिया गया है कि एक मई से वैक्सीनेशन का नया चरण शुरू नहीं होगा।

राजस्थान ने क्या कहा?

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा, ‘सीरम इंस्टिट्यूट ने कहा है कि वह 15 मई तक टीके उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं है, तो हम 18 से 45 साल के लोगों को टीके कैसे लगाएंगे। हमारे पास टीके लगाने की क्षमता है लेकिन टीके नहीं हैं। राज्यों को आपूर्ति की जानी चाहिये. भारत सरकार को उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार टीके प्रदान करने चाहिये।

किसके पास कितना स्टॉक

महाराष्ट्र द्वारा टीकों की कमी का मुद्दा उठाए जाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार के कुछ अधिकारियों के हवाले से मीडिया की कुछ खबरों में बताया गया कि राज्य में टीके खत्म हो गए हैं जिससे राज्य में टीकाकरण अभियान पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि महाराष्ट्र को 28 अप्रैल सुबह आठ बजे तक कोविड-19 रोधी टीकों की 1,58,62,470 खुराक दी गई. इनमें से खराब (0.22 प्रतिशत) होने वाले टीकों के साथ ही 1,53,56,151 टीकों की खपत हुई. राज्य के पास अब भी 5,06,319 टीके उपलब्ध हैं।

छत्तीसगढ़ ने क्या कहा?

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा, ‘यदि टीके ही उपलब्ध नहीं हैं तो टीकाकरण कैसे किया जा सकता है? हम टीके कैसे मुहैया कराएंगे? हम हमें प्रदान किये गए टीकों के साथ टीकाकरण के लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाकर राजनीति की जा रही है. देव ने कहा, ‘देश को गुमराह किया जा रहा है. केन्द्र ने इसका मजाक बनाकर रख दिया है।

पंजाब और झारखंड के भी सुर एक

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा, ‘हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. केन्द्र सरकार को टीके और आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं प्रदान करनी चाहिये.’ सिद्धू ने कहा, ‘यदि केन्द्र हमें सहयोग नहीं देगा तो हम टीकाकरण अभियान कैसे शुरू कर सकते हैं? हमारे पास बहुत कम टीके बचे हैं। केन्द्र को टीकों का आवंटन कर हमें प्रदान करने चाहिये।

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने प्रधानमंत्री पर महामारी के दौरान भी राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘हमारे जैसे कांग्रेस शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री हर बात का राजनीतिकरण कर रहे हैं और हमें कोरोना वायरस से लोगों के बचाने तथा राजनीतिक लड़ाई समेत दो-दो मोर्चों पर जंग लड़नी पड़ रही है।

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