Bhejaripadar News Update : ग्रामीणों ने 12 घंटे के दिया था अल्टीमेटम, अब संघर्ष को दिया गया अल्पविराम

Bhejaripadar News Update : ग्रामीणों ने 12 घंटे के दिया था अल्टीमेटम, अब संघर्ष को दिया गया अल्पविराम, The War for religious conversion in Bhejripadar of Bastar district of Chhattisgarh has come to a halt for the time being

Bhejaripadar News Update : ग्रामीणों ने 12 घंटे के दिया था अल्टीमेटम, अब संघर्ष को दिया गया अल्पविराम

भेजरीपदर। Bhejaripadar News Update छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के भेजरीपदर में दो गुटों में चल रहे संघर्ष को फिलहाल अल्पविराम दे दिया गया है। ग्रामीणों से कहा गया है कि सिविल कोर्ट के फैसले के आने तक वे शांतिपूर्वक इंतजार करें। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि सिविल कोर्ट का फैसला उनके लिए तुरूप के इक्के जैसा काम करेगा।

अधिकारी कर रहे माहौल शांत होने का दावा

इस दौरान केवल भेजरीपदर, बल्कि आसपास के गांवों में भी पुलिस के जवान एरिया डोमिनेशन कर रहे हैं। ताकि किसी भी तरह की विपरीत स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। पुलिस के अधिकारी माहौल शांत होने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन गांव में अब भी भारी संख्या में जवानों की तैनाती इस बात का इशारा दे रही है कि अभी भी मामले का पटाक्षेप नहीं हुआ है। बाहरहाल सिविल कोर्ट का फैसला चाहे दोनों में से जिस समुदाय के पक्ष में आए, अगर उसकी अव्हेलना करने की कोशिश होती है तो पुलिस और प्रशासन को लाठी भांजने का अधिकार मिल जाएगा। न्यायालयीन आदेश की अवमानना को ढाल बनाकर शांति स्थापना की पुरजोर कोशिशें हो पाएंगी।

भेजरीपदर विवाद का ऐसे होगा निराकरण

भेजरीपदर में समुदाय विशेष की महिला के शव दफनाने को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आया है। आदिवासी समुदाय के लोग प्रशासन और पुलिस के अफसरों के साथ बैठक के लिए पहुंचे हैं। देवगुड़ी में सैकड़ों आदिवासी एकत्रित हुए। साथ ही मीडिया की उपस्थिति को लेकर आदिवासियों ने आपत्ति जताते हुए बैठक की फोटो और वीडियोग्राफी करने के लिए भी मनाही की है। विवाद का समाधान तलाशने आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने की पहल की है। उनका कहना है कि धर्मांतरित वृद्ध मृत महिला का परिवार यदि मूल धर्म में वापसी करता है तो विवाद का पटाक्षेप संभव है।

नेशनल हाईवे 30 जाम करने का दिया था अल्टीमेटम

बता दें कि इससे पहले भेजरीपदर पंचायत के ग्रामीण एक बार फिर लामबंद हो गए थे। मामला समुदाय विशेष की महिला के शव दफनाने का है। ग्रामीणों ने तोकापाल एसडीएम को भी भी लिखित मांग पत्र सौंपते हुए 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। ग्रामीणों ने कहा था कि यदि शव देवगुड़ी की परिधि से बाहर न किया गया तो 12 घंटे पूरे होते ही नेशनल हाईवे 30 पर ग्रामीण चक्काजाम करेंगे। ज्ञापन में दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी किए थे। गांव में ईसाई कब्रिस्तान का भी विरोध ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है, जिसके चलते काफी संख्या में पुलिस बल गांव में तैनात रहा। पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं।

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