Corona Vaccine: ग्रामीण नहीं लगवा रहे थे वैक्सीन फिर पीएम मोदी ने फोन पर की बात, अब शुरू हुआ...

Corona Vaccine: ग्रामीण नहीं लगवा रहे थे वैक्सीन फिर पीएम मोदी ने फोन पर की बात, अब शुरू हुआ... The villagers were not getting the vaccine, then PM Modi talked on the phone, now the...

Corona Vaccine: ग्रामीण नहीं लगवा रहे थे वैक्सीन फिर पीएम मोदी ने फोन पर की बात, अब शुरू हुआ...

बैतूल। प्रदेश समेत पूरे देश में वैक्सिनेशन किया जा रहा है। अब तक करीब 2 करोड़ लोगों को प्रदेश में कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। वहीं कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां भी फैल रही हैं। कुछ जिलों के गावों में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदेश के बैतूल जिले में आने वाले गांव डुलारिया में भी कुछ लोग वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं थे। इसके बाद ग्रामीणों की सीधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। मोदी के समझाने के बाद ग्रामीण वैक्सीन लगवाने को तैयार हो गए हैं।

दरअसल बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक के छोटे से गांव डुलारिया के रहवासियों ने वैक्सीन लगवाने को लेकर मना कर दिया था। यहां वैक्सीन को लेकर ग्रामीणों के बीच कई तरह की भ्रांतियां और दहशत भी थी। इसके बाद गांव के दो व्यक्तियों राजेश हिरावे और पूर्व सरपंच किशोरीलाल धुर्वे को पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के तहत फोन पर वैक्सीन को लेकर समझाइश दी है। पीएम मोदी के मंत्र के बाद सभी ग्रामीण वैक्सीन लगवाने को लेकर तैयार हो गए हैं। यहां के लोगों ने बताया कि पीएम से बात करके ग्रामीण उत्साह और आत्मविश्वास से भर गए हैं। अब सभी ग्रामीण वैक्सीन लगवाने को लेकर तैयार हो गए हैं।

अब 127 लोगों ने लगवाई वैक्सीन...
बता दें कि यहां पहले वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम और दहशत फैली हुई थी। इस कारण यहां के लोगों ने वैक्सीन लगवाने से मना कर दिया था। कई बार समझाने के बाद भी यहां के लोग वैक्सीन लगवाने को लेकर राजी नहीं थे। इसके बाद पीएम मोदी ने गांव के दो व्यक्तियों राजेश हिरावे और पूर्व सरपंच किशोरीलाल धुर्वे से बात की है। पीएम मोदी से बात करने के बाद ग्रामीण वैक्सीन लगवाने के लिए तैयार हो गए हैं। अब यहां करीब 127 लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई हैं। पीएम मोदी ने ग्रामीणों से यह भी कहा कि जब गांव में 100 प्रतिशत वैक्सिनेशन हो जाए तो उन्हें पत्र लिखकर सूचित करें। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें ग्रामीणों के पत्र का इंतजार रहेगा।

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