दुनिया के सबसे मजबूत होटल ब्रांड 'Taj Hotel' की कहानी, जिसे अंग्रेजों से बदला लेने के लिए बनाया गया था

दुनिया के सबसे मजबूत होटल ब्रांड 'Taj Hotel' की कहानी, जिसे अंग्रेजों से बदला लेने के लिए बनाया गया था The story of the world's strongest hotel brand 'Taj Hotel', which was built to avenge the humiliation done by the British nkp

दुनिया के सबसे मजबूत होटल ब्रांड 'Taj Hotel' की कहानी, जिसे अंग्रेजों से बदला लेने के लिए बनाया गया था

नई दिल्ली। टाटा समुह केवल एक बिजनेस कंपनी नहीं है, बल्कि इस ग्रुप ने भारत के विकास में बड़ा योगदान दिया है। जमशेदजी टाटा द्वारा 1868 में स्थापित, कंपनी आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों में से एक है। इस समूह ने लगभग हर क्षेत्र में अपना सिक्का जमाया हुआ है। नमक से लेकर स्टील तक हर जगह टाटा समूह का दबदबा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 'Taj Hotels' भी Tata Brand का ही है। ताज होटल को लेकर एक कहानी काफी प्रचलित है। कहा जाता है कि जमशेदजी टाटा ने अंग्रेजों द्वारा किए गए अपमान का बदला लेने के लिए ताज होटल का निर्माण कराया था। आइए जानते हैं वो अनसुना किस्सा।

ताज को दुनिया का सबसे मजबूत होटल ब्रांड घोषित किया गया

कहानी पर जाने से पहले आपको बतादें कि ब्रिटेन की एक ब्रांड वैल्यूएशन कंसल्टेंसी 'Brand Finance' ने अपनी 2021 की सूची में ‘इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड’ (IHCL - टाटा ग्रूप का ही एक हिस्सा) के ब्रांड 'ताज होटल' को दुनिया का सबसे मजबूत होटल ब्रांड घोषित किया है। वह ताज होटल जिसे ब्रिटिशर्स से बदला लेने के लिए बनाया गया था।

100 साल से भी ज्यादा पुराना है

मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India) के पास खड़ा Taj Hotel, 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। जमशेदजी टाटा ने इसका निर्माण 1905 में करवाया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार टाटा के संस्थापक जमशेदजी टाटा को उनके किसी अंग्रेज मित्र ने मुंबई के किसी आलीशान होटल में इनवाइट किया था। लेकिन, जैसे ही जमशेदजी टाटा वहां पहुंचे, तो वहां के मैनेजर ने उन्हें यह कहकर अंदर आने से मना कर दिया कि 'इस होटल में भारतीयों का आना वर्जित है'

होटलों में भारतीयों को जाने की अनुमति नहीं थी

जमशेदजी टाटा वहां से वापस आ गए, लेकिन होटल में भारतीयों का आना वर्जित है ये बात उन्हें घर कर गई। उन्हें लगा जैसे होटल के मैनेजर ने सिर्फ उनका ही नहीं पूरे भारतीयों का अपमान किया है। कहते हैं कि अंग्रेजी शासन के वक्त भारत में कई ऐसे होटल थे, जहां भारतीयों को आने नहीं दिया जाता था। जमशेदजी टाटा को ये बात इतनी चुभी कि उन्होंने 1905 में एक आलिशान और बड़े होटल का निर्माण करवा दिया और उसका नाम रखा 'ताज महल पैलेस'

आतंकवादी हमलों का भी रहा है गवाह

मुंबई का ताज होटल अपनी मजबूत दीवारों के साथ एक बड़े आतंकवादी हमले का भी गवाह है। 26/11/2008 को जब मुंबई में कई जगहों पर बम धमाके और गोलीबारी हुई थी, तो उसमें एक ताज होटल भी था। इस हमले में होटल में ठहरे कई लोग मारे गए थे और इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा था। हालांकि बाद में इसे फिर से दुरुस्त कर खोल दिया गया।

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