Maharana Pratap : के वशंजों की लड़ाई के पीछे की कहानी, 41-साल से चल रहा है प्रॉपर्टी का विवाद

Maharana Pratap : के वशंजों की लड़ाई के पीछे की कहानी, 41-साल से चल रहा है प्रॉपर्टी का विवाद

Maharana Pratap के वशंजों की लड़ाई के पीछे की कहानी, 41-साल से चल रहा है प्रॉपर्टी का विवाद

पूर्व मेवाड़ राजपरिवार का प्रॉपर्टी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है... सिटी पैलेस के बाहर जमकर बवाल, हंगामा और पथराव तक हो गया.. दरअसल, बीजेपी विधायक विश्वराज सिंह और उनके समर्थकों को सिटी पैलेस में एंट्री करने को लेकर सोमवार को हिंसा हो गई थी.. महेंद्र सिंह मेवाड़ के निधन के बाद 25 नवंबर को विश्वराज सिंह को मेवाड़ के पूर्व राज परिवार का मुखिया नियुक्त किया गया.. इसके बाद गद्दी पर बैठने के लिए पगड़ी दस्तूर की रस्म निभाई गई.. इस दौरान खून से उनका तिलक किया गया. साथ ही 21 तोपों की सलामी भी दी गई. इस रस्म के बाद उदयपुर सिटी पैलेस में धूणी स्थल के दर्शन के लिए पहुंचना था, लेकिन उनके चाचा अरविंद सिंह मेवाड़ और चचेरे भाई डॉ. लक्ष्य राज सिंह ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया... चलिए जानते हैं कि महाराणा प्रताप के वंशजों जंग की असल वजह आखिर क्या है..

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