एंबुलेंस नहीं मिली तो बूढी बीमार मां को ठेले पर लादकर 4 किमी पैदल चल अस्पताल पहुंचा बेटा, लेकिन रास्ते में ही मौत

एंबुलेंस नहीं मिली तो बूढी बीमार मां को ठेले पर लादकर 4 किमी पैदल चल अस्पताल पहुंचा बेटा, लेकिन रास्ते में ही मौत

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में बुधवार को कथित तौर पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक बेटा अपनी बीमार बूढ़ी मां को ठेले पर लादकर चार किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, लेकिन तब तक उसकी मां की मौत हो चुकी थी। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर जलालाबाद कस्बे के रहने वाले दिनेश ने संवाददाताओं को बताया कि आज सुबह उसकी मां बीना देवी  के पेट में अचानक असहनीय दर्द हुआ। दिनेश का दावा है कि उसके पिता और पड़ोसियों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर फोन किया परंतु काफी समय बीत जाने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो वह अपनी मां को ठेले पर लादकर चार किलोमीटर दूर सरकारी अस्पताल पहुंचा।

उसने दावा किया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद एक डॉक्टर ने उसकी मां को देखा और उसे मृत घोषित कर दिया। उसने कहा कि वह ठेले पर अपनी मां का शव वापस घर ले आया। जलालाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ.अमित यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दिनेश एक ठेले पर अपनी मां को इलाज के लिए लाया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली, वह तुरंत मरीज को देखने गए, लेकिन मरीज की रास्ते में ही मृत्यु हो गई थी। 108 सरकारी एंबुलेंस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सौरभ चौहान ने दावा किया कि मृतक महिला के परिजनों की तरफ से कोई फोन नहीं आया था। शाहजहांपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पीके वर्मा ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन वह इस मामले की जांच करेंगे।

सीएमओ ने बताया कि फोन आने के बाद एंबुलेंस को 30 मिनट के भीतर मरीज तक पहुंचना चाहिए। यदि दूरी कम हो तो इसे जल्दी पहुंचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि राज्य के कुछ हिस्सों में इस तरह की छिटपुट घटनाएं होती रही हैं जहां परिजनों को एंबुलेंस नहीं मिलने के बाद अपने मरीजों को इलाज के लिए खुद ही अस्पताल ले जाना पड़ा है। बलिया जिले में एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा अपनी बीमार पत्नी को एक ठेले पर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद, मामले में संज्ञान लेते हुए उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जांच का आदेश दिया था।

स्वास्थ्य विभाग संभाल रहे पाठक ने महानिदेशक (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को पत्र लिखकर उन कारणों का पता लगाने को कहा था जिनकी वजह से बुजुर्ग व्यक्ति को यह कदम उठाना पड़ा। मंत्री ने उचित जांच के बाद दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश महानिदेशक को दिए। इससे पूर्व, एक पिता द्वारा अपनी बेटी को गोद में लेकर चिकित्सा परामर्श के लिए जाने की तस्वीर सामने आने के बाद पाठक ने लखनऊ में श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था।

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