संशोधित राष्ट्रीय मुकदमा नीति पर काम चल रहा है, केंद्र ने उच्च न्यायालय को बताया

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) केंद्र ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि ‘‘नयी और संशोधित’’ राष्ट्रीय मुकदमा नीति (एनएलपी) पर काम चल रहा है और आगामी दिनों में यह लागू की जाएगी।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ को केंद्र सरकार ने यह बताया। पीठ जून 2010 में लायी गयी एनएलपी के क्रियान्वयन के अनुरोध वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

विधि मंत्रालय की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि वर्तमान में एक ऐप्लिकेशन है जिसे ‘लीगल इनफॉर्मेशन मैनेजमेंट एंड ब्रीफिंग सिस्टम’ (एलआईएमबीएस) कहा जाता है, इसके जरिए विभिन्न सरकारी विभाग अपने-अपने मुकदमों की स्थिति देख सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आगामी दिनों में एक नयी और संशोधित राष्ट्रीय मुकदमा नीति लायी जाएगी। ’’ एएसजी के बयान का संज्ञान लेते हुए पीठ ने मामले की सुनवाई 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी।

जनसंचार विशेषज्ञ एन भास्कर राव और वकील शनमुगो पात्रो ने एक जनहित याचिका में कहा है कि 2010 में एनएलपी की शुरुआत इस लक्ष्य के साथ की गयी थी कि सरकार ऐसे मामलों में नहीं उलझेगी जहां नुकसान की आशंका बहुत कम हो।

याचिकाकर्ताओं ने कहा, ‘‘नीति का मकसद सरकार को कुशल और जिम्मेदार वादी बनाना था। नीति के लक्ष्यों में अदालतों में सरकारी मुकदमे के बोझ को घटाना था ताकि अदालत का मूल्यवान समय दूसरे लंबित मामलों के निपटारा में लगे। साथ ही, अदालत में मुकदमे में लगने वाले 15 साल के औसतन समय को घटाकर तीन साल किया जाए। ’’

सुनवाई के दौरान पात्रो ने अदालत से कहा कि केंद्र सरकार बीते वर्षों में कई मंचों पर कहती रही है कि जल्द ही एनएलपी लागू की जाएगी, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ है।

उन्होंने अदालत से मामले का संज्ञान लेने को कहा लेकिन पीठ ने सुनवाई के इस चरण में ऐसा करने से इनकार कर दिया।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password