"The pride saga of Mangarh Dham" : आदिवासी समाज के बलिदान का इतिहास है गवाह : पीएम मोदी

बांसवाड़ा। "The pride saga of Mangarh Dham"  राजस्थान के बांसवाड़ा में "मानगढ़ धाम की गौरव गाथा" कार्यक्रम शुरू हुआ। इस अवसर पर चल रहे आदिवासी महोत्सव में पीएम मोदी के साथ—साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए। मानगढ़ धाम, बांसवाड़ा, राजस्थान में प्रधानमंत्री की विशेष उपस्थिति में आयोजित "मानगढ़ धाम की गौरव गाथा" कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश न केवल भौगोलिक दृष्टि से देश का हृदय प्रदेश है, बल्कि अपनी बहुरंगी, बहुमुखी विशेषताओं के कारण यह देश के दिल की धड़कन भी है। यह वन, अन्न, खनिज, कला, पर्यटन, शिल्प, कृषि और जल संपदा से समृद्ध है। जी के सबका साथ,सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात कर हम आगे बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम  में  मंगभाई पटेल, अशोक गहलोत, भूपेंद्र पटेल, महेश शर्मा आदि उपस्थित रहें।

पीएम की मुख्य बातें — अदिवासी समाज के बलिदान को स्वतंत्रता

भारत का भविष्य आदिवासी समाज के बिना अधूरा है। हमारे इतिहास का पन्ना आदिवासी के बिनाए अधूरा है। गुलामी की शुरूआती सदियों से लेकर अभी तक ऐसा कोई काल खंड नही जिसमें आदिवासी समाज का योगदान न हो। राजस्थान की धरती आदिवासी समाज की देशभक्ती की गवाह रही है। ये महाराणा प्रताप के साथ उनकी ता​कत बनकर खड़े रहे हैं। 15 नवबरं को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर समाज आदिवासी गौरव दिवस मनाएगा।

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