दुनिया की आखिरी सड़क, यहां अकेले जाना मना है!

दुनिया की आखिरी सड़क, यहां अकेले जाना मना है! The last road in the world, it is forbidden to go here alone! nkp

दुनिया की आखिरी सड़क, यहां अकेले जाना मना है!

नई दिल्ली। एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए आमतौर पर हम सड़क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। कहा जाता है कि हम सड़क मार्ग के जरिए दुनिया के एक छोर से दूसरी छोर तक जा सकते हैं। ऐसे में आपके मन में भी यह सवाल आया होगा कि कही न कही तो ये सड़क खत्म जरूर होती होगी। अगर आपके मन में भी यह सवाल आया होगा, तो क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे आखिरी सड़क कहां है? ज्यादातर लोग इस सड़क के बारे में नहीं जानते हैं। लेकिन आज हम आपको दुनिया की सबसे आखिरी सड़क के बारे में बताएंगे।

इस सड़क का नाम E-69 है

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के इस आखिरी सड़क का नाम E-69 है। ऐसा माना जाता है कि इस सड़क के बाद दुनिया खत्म हो जाती है। बतादें कि ई-69 एक हाइवे है, जो करीब 14 किलोमीटर लंबा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस हाइवे पर ऐसी कई जगहें हैं, जहां अकेले पैदल चलना या फिर यहां गाड़ी चलाना मना है। आपने नॉर्थ पोल के बारे में जरूर सुना होगा। इसे पृथ्वी का सबसे सुदूर उत्तरी बिंदु माना जाता है। ये वही बिंदु है, जहां पर पृथ्वी की धुरी घूमती है। ये नॉर्वे का आखिरी छोर है। यहां से आगे जाने वाले रास्ते को ही दुनिया की आखिरी सड़क माना जाता है।

इसके आगे कोई सड़क नहीं है

E-69 पृथ्वी के छोर को नॉर्वे से जोड़ती है। इसके आगे कोई सड़क नहीं है। इस सड़क के आगे बस बर्फ ही बर्फ और समुद्र ही समुद्र दिखाई देता है। लोग दुनिया की आखिरी सड़क पर जाना चाहते हैं और देखना चाहेत हैं। लेकिन यहां अकेले जाना या ड्राइविंग करना प्रतिबंधित है। अगर आप इस सड़क की सैर करना चाहते हैं तो फिर आपको यहां ग्रुप में जाना होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां बर्फ ही बर्फ है। इस वजह से अकेले जाने वाले लोग अक्सर रास्ता भूल जाते हैं। इसके अलावा ठंड भी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए 14 किलोमीटर के इस लंबे रास्ते पर कोई अकेला नहीं जाता है।

जानिए और भी हैरान करने वाली बातें

इस जगह के बारे में हैरान करने वाली बात ये है कि ये सड़क उत्तरी ध्रुव के पास है, जिसके चलते सर्दियों के मौसम में यहां रात ही रात होती है। वहीं गर्मियों के मौसम में यहां सूरज कभी नहीं डूबता है। कभी-कभी तो यहां छह महीने तक लगातार सूरज दिखाई ही नहीं देता और रात ही रात होती है। यानी करीब 6 महीने तक लोग रात के अंधेरे में ही रहते हैं। गर्मी में यहां तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस के आस-पास होता है, जबकि ठंड में ये -45 डिग्री तक नीचे चला जाता है।

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