महज कहावत नहीं है 36 का आंकड़ा, जानिए विरोधाभास के लिए हम क्यों करते हैं इस अंक का प्रयोग

36

नई दिल्ली। आपने अक्सर किसी को कहते सुना होगा कि उससे तो मेरा 36 का आंकड़ा है। दरअसल, जब दो विरोधियों के विषय पर हम चर्चा करते हैं तो कहते हैं कि दोनों के बीच तो छत्तीस का आंकड़ा है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि 36 में ऐसा क्या है जो लोग इसे विरोध के रूप में इस्तेमाल करते हैं। चलिए आज हम जानने की कोशिश करते हैं।

यह है कारण

एक रिपोर्ट के मुताबिक इस सवाल का जवाब इस सवाल में ही छिपा है।परंतु क्योंकि प्रश्न में अंक लिखने का तरीका बदल गया है इसलिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। भारत देश में जब ‘छत्तीस का आंकड़ा’ मुहावरा बनाया गया तब गणित के अंकों को हिंदी में लिखा जाता था इंग्लिश में नहीं। सरल एवं सटीक उत्तर समझने के लिए आपको हिंदी भाषा के गणित के अंक में छत्तीस (३६) लिखना होगा, अंग्रेजी में THIRTY SIX (36) नहीं।

दोनों अंकों का एक दूसरे के तरफ रहता है पीठ

यदि आप हिंदी में लिखेंगे तो पाएंगे कि ३ और ६ दोनों ऐसी संख्याएं हैं जो बिल्कुल एक प्रकार से बनती हैं परंतु जब आप छत्तीस-३६ लिखते हैं तो दोनों अंक एक दूसरे की तरफ पीठ करके खड़े हुए दिखाई देते हैं। रही बात 96 की तो दोनों अंक एक दूसरे की तरफ पीठ करके खड़े नहीं होते बल्कि 1 अंक का सिर नीचे की तरफ नजर आता है। यह आकृति विरोध का आभास नहीं कराती। इसलिए कभी भी विरोध के लिए 96 का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

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