Corona: कोविड मरीजों के बीच पड़ी रही लाश, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमराईं, श्मशान घाट के पास रहवासियों का सांस लेना मुश्किल…

नरसिंहपुर। प्रदेश में कोरोना महामारी के इस प्रचंड दौर में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चमरमरा गईं हैं। यहां का जिला अस्पताल मरीजों से पटा पड़ा है। और तो और यहां लाश के बीच मरीज अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। यहां कोई भी अधिकारी मरीजों की सुनने वाला नहीं हैं। यहां के के जिला अस्पताल से दहला देने वाली तस्वीरें आई हैं। यहां एक लाश के बीच कोरोना मरीज अपना इलाज कराने को मजबूर हैं। दरअसल यहां रविवार को एक व्यक्ति की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो गई। इसके बाद उसकी लाश वहीं जमीन पर पड़ी रही।

वहीं कोरोना मरीज अपना इलाज करा रहे थे। करीब दो घंटे तक लाश को कोई देखने वाला नहीं था। वहीं व्यक्ति की मौत कथित रूप से कोरोना संक्रमण से बताई जा रही है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई थी। व्यक्ति की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई थी। बंसल न्यूज की पड़ताल के बाद जब अधिकारियों को जानकारी दी गई तब लाश को अस्पताल से हटाया गया।

शहर में कोरोना से हाल बेहाल…
बता दें कि नरसिंहपुर में कोरोना के हालात बेकाबू हो गए हैं। यहां मरीजों के लिए न तो बेड बचे हैं और न ही अस्पताल में जगह। यहां मरीज जमीन पर पड़े रहने को मजबूर हैं। यहां के अस्पताल में स्टाफ की भी भारी कमी है। यहां की करीब 7 से ज्यादा नर्सें पहले से ही कोरोना पॉजिटिव हैं। जिले प्रशासन का असंवेदनशील रवैया सामने आ रहा है। यहां रोजाना श्मशान घाट में 15- से 20 मरीजों का कोरोना गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

यहां कहने को तो कोरोना कर्फ्यू लागू है लेकिन यहां रोक-टोक के लिए कोई नहीं है। यहां धड़ल्ले से लोग कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। शहर के नकटुआ मुक्तिधाम में रोजाना 15-20 लाशों का कोविड गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहीं यह एक घनी आबादा के पास बना है। रोजाना यहां अंतिम संस्कार और कोरोना लाशों के आवागमन से तेजी से संक्रमण फैल रहा है। यहां के रहवासियों ने बताया कि यहां धुंए की एक चादर बन गई है। यहां लाशों के अंतिम संस्कार के कारण यहां सांस लेना मुश्किल हो रहा है।

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