Telecom Companies: दूरसंचार कंपनियां तीन साल तक रख सकेंगी ग्राहकों का डाटा, डिजिटल स्टोरेज की मिली अनुमति

नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने ग्राहक आवेदन फार्मों को डिजिटल रूप देने की अनुमति दे दी है। इससे ग्राहकों से जुड़े आंकड़े को अद्यतन करना आसान हो जाएगा। इस कदम से दूरसंचार संचालकों को ग्राहक के आवेदन फार्म (सीएएफ) जमा करने और उसे संभालकार रखने की व्यवस्था से भी मुक्ति मिलेगी। सीएएफ के डिजिटलीकरण के लिए सोमवार को जारी दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देश के अनुसार दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को कागज आधारित सीएएफ दस्तावेजों की डिजिटल रूप से स्कैन की गई रंगीन प्रतियों को रखने की अनुमति है। सभी सक्रिय ग्राहकों के लिए सीएएफ दस्तावेजों की डिजिटल रूप से स्कैन की गई प्रतियों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए। सीएएफ दस्तावेजों में पहचान और आवास प्रमाण पत्र के दस्तावेजों के साथ सीएएफ शामिल होते हैं।

संबंध तोड़ चुके ग्राहकों के मामले में दूरसंचार कंपनियों को सीएएफ दस्तावेजों की डिजिटल रूप से स्कैन की गई प्रतियों को तीन साल की अवधि के लिए संभालकर रखने की जरूरत होती है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कागजी दस्तावेजों को डिजिटलीकरण के बाद नष्ट किया जा सकता है। हालांकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों/अदालतों के निर्देश पर इसे संभालकर रखने की जरूरत होगी। दूरसंचार विभाग ने कहा कि सेवा प्रदाताओं के गोदामों में कागजी दस्तावेजों को संभाल कर रखने का वर्तमान प्रावधान समाप्त हो गया है और कागजी आवेदन फॉर्म के साथ दस्तावेजों के ऑडिट की आवश्यकता नहीं है।

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