Teerth Darshan Yatra Train : बनारस रेलवे स्टेशन पहुंची मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना ट्रेन

भोपाल। मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे Teerth Darshan Yatra Train :  रानी कमलापति स्टेशन से छूटी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन यात्रा ट्रेन का बनारस में भव्य स्वागत हुआ। यहां भी पारंपरिक परिधानों के साथ धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर का स्वागत हुआ। संस्कृति मंत्री के साथ—साथ यात्रियों का भी स्वागत किया गया।आपको बता दें प्रदेश में मंगलवार को तीर्थ दर्शन यात्रा के तहत पहली ट्रेन 900 से अधिक यात्रियों को लेकर रवाना हुई थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया गया।

ट्रेन में भी विराजे भगवान —
ट्रेन की एक बोगी में भगवान की फोटो लगाई गई थी। दोपहर 1:30 ये ट्रेन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से रवाना हुई थी। अब यह 2 दिन बाद 22 अप्रैल को वापस होगी। जिसमें काशी की यात्रा करके यात्री लौटेंगे। इसे लेकर सभी में उत्साह रहा।

इस पहली तीर्थ-यात्रा में संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री सुश्री उषा ठाकुर भी तीर्थ-यात्रियों के साथ गईं हैं। तीर्थ-यात्रियों को वाराणसी में भगवान विश्वनाथ के दर्शन के साथ संत रविदास और संत कबीर दास के जन्म-स्थल के दर्शन भी करवाए जाएंगे। साथ ही यात्रा से लौटते समय भगवान विश्वनाथ का स्मृति-चिन्ह भेंट किया जाएगा। तीर्थ-यात्रियों की वापसी 22 अप्रैल को होगी। तीर्थ-यात्रा के दौरान ट्रेन में भजन मंडली भी मौजूद है।

यात्रा के दौरान तीर्थ-यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। रेलवे स्टेशन पर तीर्थ-यात्रियों को तुलसी की माला पहनाकर ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया गया। स्टेशन पर स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई है। फूलों से सजी ट्रेन में यात्रियों के भोजन, नाश्ता, चाय के साथ गंतव्य पर रूकने और बसों द्वारा आने-जाने की व्यवस्था भी की गई है। ट्रेन में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक शासकीय डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी भी उपलब्ध हैं।

खबर एक नजर —
साल 2012 में शुरु हुई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना
योजना से देशभर के तीर्थों पर यात्रा का अवसर
60 साल से ज्यादा उम्र के लोग ले सकते हैं लाभ
दिव्यांग देखभाल के लिए केयर टेकर को साथ ले जा सकते हैं
भोजन, ठहरने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाती है
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, रेलवे के साथ MP गवर्नमेंट की पहल
तीर्थ दर्शन के लाभ के लिए हिंदी में आवेदन पत्र भरा जाना अनिवार्य
2012 से 2020 तक करीब 7 लाख 43 हजार यात्रियों ने लिया लाभ
इस दौरान योजना में कुल 743 ट्रेनों का संचालन हुआ
कोरोना को देखते हुए जनवरी 2020 में बंद हुई थी तीर्थ दर्शन योजना

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