आज का मुद्दा: कौन तपस्वी.. कौन राक्षस ? MP की सियासत में तपस्वी Vs राक्षस !

राहुल गांधी जब भारत जोड़ो यात्रा पर थे तब तपस्या और तपस्वी की खूब चर्चा हुई और अब एमपी में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो एमपी में...

आज का मुद्दा: कौन तपस्वी.. कौन राक्षस ? MP की सियासत में तपस्वी Vs राक्षस !

Aaj Ka Mudda: राहुल गांधी जब भारत जोड़ो यात्रा पर थे तब तपस्या और तपस्वी की खूब चर्चा हुई और अब एमपी में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं तो एमपी में तपस्वी और राक्षस की गूंज सुनाई दे रही है। इसकी शुरूआत खुद कांग्रेस ने की और बीजेपी ने भी इसे लपक लिया।

यह भी पढ़ें… ढाई लाख की मशीन से बनी रोटी खाते थे सब इंजीनियर हेमा मीणा के डॉग!

दिग्विजय के बेटे ने कांग्रेस नेताओं को बताया तेजस्वी

यूं तो राजनीति भी किसी तपस्या से कम नहीं है। शायद यही वजह है कि, सियासतदान खुद को तपस्वी बताने से पीछे नहीं हटते। भारत जोड़ों यात्रा को राहुल गांधी ने उनके लिए तपस्या बताया था यानि वो इशारों में खुद को तपस्वी कह रहे थे। MP कांग्रेस भी राहुल गांधी की इस लाइन पर अब आगे बढ़ती दिख रही है। पूर्व मंत्री और दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कमलनाथ समेत दिग्विजय सिंह को तपस्वी बताया।

बीजेपी ने कर दी राक्षस से तुलना

दिग्विजय और दूसरे वरिष्ठ नेताओं को तपस्वी बताने के पीछे जयवर्धन सिंह की क्या मंशा है। ये तो वो ही जाने, लेकिन उनके बयान ने बीजेपी को फिर दिग्विजय सिंह को घेरने का मौका जरूर दे दिया। जाहिर है कि, बीजेपी के लिए दिग्विजय सिंह सॉफ्ट टारगेट हैं.. इसलिए बीजेपी ने भी बिना देर किए। उनकी तुलना राक्षस से कर दी।

कुल मिलाकर एमपी की सियासत में अब तपस्वी और राक्षस की एंट्री हो गई है और बयानों की इस बाजीगरी में याकिनन टारगेट 2023 के विधानसभा चुनाव ही है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि, तपस्वी और राक्षस जैसे बयान छवि बनाने और बिगाड़ने का एक पैंतरा है और जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते जाएंगे वैसे वैसे एमपी की सियासत में ऐसे बयान सुनने को और भी मिलेंगे।

यह भी पढ़ें… IPL 2023: Hotstar का गिरा मार्केट, इस साल कंपनी ने खोए 46 लाख यूजर्स, जानिए वजह

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article