तमिलनाडु चुनाव: जयललिता और करुणानिधि के बिना पहली बार चुनाव, जानिए किस पार्टी की बनने जा रही है सरकार

Tamil Nadu Assembly Election 2021

नई दिल्ली। तमिलनाडु में इस बार विधानसभा चुनाव नए तेवर और नए कलेवर के साथ लड़ा जा रहा है। क्योंकि इस बार चुनाव में न तो ‘अम्मा’ हैं और न ही ‘कलाईनार’। यानी इस बार का चुनाव दशकों तक राज्य की सियासत में धुरी रहे एम करूणानिधि और जयललिता के बिना लड़ा जा रहा है। हालांकि इस बार भी चुनावी जंग करूणानिधि-जयललिता की पार्टी DMK और AIADMK के बीच ही तय है।

हर पांच साल में सरकार बदलने की रही है परंपरा

एक तरफ जहां इस चुनाव में भाजपा ने अन्नाद्रमुक का सहारा लिया है, तो दूसरी तरफ डीएमके खेमे में कांग्रेस शामिल है। गौर करने वाली बात ये है कि तमिलनाडु में हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा रही है। लेकिन पिछले चुनाव में जयललिता ने इस मिथक को तोड़ दिया था। जबकि इससे पहले कई चुनाव में मतदाता एक बार करूणानिधि तो एक बार जयललिता को चुनते रहे हैं।

दोनों दलों ने अपने मुख्य चेहरे खो दिए

वहीं 2021 विधानसभा चुनाव की बात करें तो दोनों दलों ने अपने-अपने मुख्य चेहरे खो दिए हैं। ऐसे में DMK की बागडोर करुणानिधि के छोटे बेटे एम के स्टालिन के हाथों में है तो दूसरी तरफ जयललिता की मौत के बाद AIADMK की कमान मुख्यमंत्री के तौर पर पनीरसेल्वम संभाल रहे हैं। हालांकि सीएम पार्टी में अपनी पकड़ बनाने में नाकाम रहे हैं। इसी का नतीजा है कि AIADMK में कई गुट दिखाई देते हैं। जबकि DMK में स्टालिन के साथ सभी नेता साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

DMK सत्ता में कर सकती है वापसी

2019 के लोकसभा चुनाव में भी AIADMK में गुटबाजी के कारण DMK ने तमिलनाडु में सूपड़ा साफ कर दिया था। वहीं इस चुनाव में भी DMK और कांग्रेस की गठबंधन सत्ता में वापसी कर सकती है। जबकि सरकार चला रही AIADMK और उसकी सहयोगी पार्टी भाजपा की सरकार जा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक DMK और कांग्रस गठबंधन इस चुनाव में 177 सीटें जीत सकती है। जबकि AIADMK और उसकी सहयोगी पार्टी महज 49 सीटों पर सिमट जाएगी। जबकि अन्य पार्टियों को 3 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, जनता द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद कर रही है।

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