ताहिर हुसैन की अर्जी पर SC में मतभेद: AIMIM उम्मीदवार के अंतरिम जमानत याचिका पर तीन जजों की बेंच अब करेगी अंतिम फैसला

SC on Tahir Hussain: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को AAP के पूर्व पार्षद और दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर विभाजित फैसला दिया।

SC on Tahir Hussain

SC on Tahir Hussain:सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद और दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर विभाजित फैसला दिया। ताहिर हुसैन ने दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी।

अब चीफ जस्टीस करेंगे फैसला

न्यायमूर्ति पंकज मिथल ने ताहिर हुसैन की याचिका (SC on Tahir Hussain) खारिज करते हुए कहा कि अंतरिम जमानत का मामला नहीं बनता। दूसरी ओर, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा करने की सिफारिश की। इस मतभेद के कारण अब तीन जजों की नई पीठ, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना करेंगे, इस मामले में फैसला करेगी।

AIMIM प्रत्याशी हैं ताहिर हुसैन

ताहिर हुसैन को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों में 53 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे।

ताहिर हुसैन (SC on Tahir Hussain) पर इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है। अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी 2020 को खजूरी खास इलाके के एक नाले से मिला था। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चोट के 51 निशान पाए गए थे।

ताहिर हुसैन पर लगे हैं गंभीर आरोप

जस्टिस अमानुल्लाह ने अपने फैसले में कहा कि ताहिर हुसैन पर लगे आरोप गंभीर हैं, लेकिन यह अभी केवल आरोप हैं। उन्होंने कहा कि ताहिर को अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है और हिरासत की अवधि को देखते हुए अंतरिम जमानत दी जा सकती है।

उन्होंने 4 फरवरी तक ताहिर हुसैन को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया और उसी दिन शाम को जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने को कहा।

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Delhi Elections 2025: केंद्र सरकार से केजरीवाल की 7 मांगे, बोले-‘टैक्स टेररिज्म का शिकार है मध्यम वर्ग’

Delhi Elections 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल विभिन्न वर्गों को साधने का प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने मिडिल क्लास परिवारों की आवश्यकताओं पर चर्चा की और केंद्र सरकार से उनकी भलाई के लिए 7 प्रमुख मांगें कीं। केजरीवाल ने कहा कि मिडिल क्लास एक घर, बच्चों की अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं चाहता है।

मिडिल क्लास पर सबसे अधिक टैक्स बोझ

अरविंद केजरीवाल ने मिडिल क्लास पर सबसे अधिक टैक्स बोझ होने का आरोप लगाया, और कहा कि यह वर्ग केवल एटीएम बनकर रह गया है। उन्होंने बताया कि मिडिल क्लास की आधी से अधिक आय टैक्स में चली जाती है। आम आदमी पार्टी सड़क से संसद तक मिडिल क्लास की आवाज उठाएगी, और उनके सांसद आगामी बजट सत्र में इन मुद्दों को उठाएंगे। आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें..

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