Surya Rashi Parivartan 2022: लगने वाली है मीन संक्रांति, एक महीने के लिए इन राशियों की बल्ले—बल्ले

surya ka gochar

नई दिल्ली। अभी तक कुंभ राशि में Meen Sankranti 2022 चल रहे ग्रहों के राजा सूर्य बहुत जल्द meen me surya ka gochar 2022 अपना परिवर्तन करने जा रहे हैं। पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार सूर्य 15 मार्च को सूर्य 12 बजकर 31 मिनट पर कुंभ से मीन में गोचर करेंगे। इसी के साथ विभिन्न राशियों पर इनका प्रभाव दिखने लगेगा। लेकिन इनमें से कुछ खास राशियां हैं जिन पर सूर्य देव की विशेष कृपा होगी।

इनकी चमकेगी किस्मत —

मेष राशि –mesh rashi 
सूर्य का ये गोचर इस राशि के कुंडली के बारहवें भाव में रहने वाला है। Surya Rashi Parivartan 2022 इसलिए इस राशि के छात्रों के लिए बेहद खास रहने वाला है। अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहें हैं तो शुभ परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि आपको इस दौरान निवेश से बचने की सलाह दी जा रही है।

वृषभ राशि – vrash rashi 
सूर्य का यह गोचर वृष राशि के ग्यारहवें भाव में रहेगा। सूर्य का गोचर आपके लिए आर्थिक दृष्टि से बहुत अच्छा बीतने वाला है। अगर आप जमीन—जायजाद खरीदने की सोच रहे हैं तो समय उत्तम है। अगर आप नौकरी पेशा हैं तो आपको प्रमोशन मिल सकता है। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं।

मिथुन राशि –mithun rahi 
इस गोचर काल के दौरान सूर्य आपकी राशि के दसवें भाव में रहेंगे। इस दौरान इस राशि वालों के करियर में कोई बड़ा परिवर्तन आ सकता है। आर्थिक पक्ष भी आपका मजबूत होगा। अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो इस दौरान आपको सफलता मिल सकती है।

कर्क राशि –kark rashi 
सूर्य का ये गोचार इस राशि के नवम भाव में रहेगा। इस दौरान आपकी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। भाग्य का भी साथ मिलेगा।

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हर एक महीने में बदलती है सूर्य की चाल —
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार 14 जनवरी से मकर राशि में चल रहे सूर्य 13 फरवरी को कुंभ में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसके बाद ये 14 मार्च को मीन में गोचर करेंगे। उनके अनुसार 13 फरवरी यानि रविवार को सूर्य देव सुबह 7:36 पर मकर से कुंभ में प्रवेश करेंगे। 14 मार्च तक सूर्य इसी स्थिति में रहेंगे।

कुंडली में ऐसी होती है स्थिति सूर्य की —

ज्योतिषाचार्य के अनुसार सूर्य पहले भाव में उच्च के माने जाते हैं। पहला भाव यानि मेष राशि। जब जातक की कुंडली में पहले भाव में सूर्य विराजमान होते हैं तो समझ लीजिए आपको जीवन में यज, सम्मान बहुत तेजी से मिलने वाला है। वहीं कुंडली के सातवें भाव यानि तुला राशि में सूर्य नीच के माने जाते हैं। यदि आपकी कुंडली में भी सूर्य की ये स्थितियां हैं तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। इसके विपरीत ये अपनी स्वराशि यानि सिंह में सामान्य फल देने वाले माने जाते हैं।

इन उपायों से बनेंगे सूर्य मजबूत –

  • अगर आपकी कुंडली में सूर्य नीच के या कमजोर स्थिति में हैं तो आपको ये उपाय करने चाहिए।
  • सूर्योदय के समय भगवान सूर्य देवता को अक्षत डालकर जल अर्पित करें।
  • सूर्य मंत्र का जाप करें।
  • गायत्री मंत्र का जाप करें।
  • दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में माणिक का धारण करने से सूर्य मजबूत होते हैं।

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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