Surya Grahan ( Chaturgrahi Yoga ) 2021 : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कल, क्या आपके लिए होगा अशुभ, जानें

Surya Grahan ( Chaturgrahi Yoga ) 2021 : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कल, क्या आपके लिए होगा अशुभ, जानें surya-grahan-chaturgrahi-yoga-2021-the-last-solar-eclipse-of-the-year-will-be-inauspicious-for-you-know

Surya Grahan ( Chaturgrahi Yoga ) 2021 : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कल, क्या आपके लिए होगा अशुभ, जानें

भोपाल। शनिवार को Surya Grahan ( Chaturgrahi Yoga ) 2021 यानि 4 दिसंबर को साल 2021 का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो इस दिन चार ग्रहों का चतुग्रही योग भी बन रहा है। इसके दूसरे दिन पंच ग्रही योग भी बन रहा है। वैसे तो भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखने से ग्रहण का असर तो जातकों पर नहीं होगा। लेकिन चर्तुग्रही और पंचग्रही योग जरूर आप पर शुभ—अशुभ प्रभाव छोड़ेंगें।

पंडित अनिल कुमार पाण्डेय के अनुसार 4 दिसंबर को चतुर्ग्रही और 5 दिसंबर को पंचग्रही योग विभिन्न राशि के जातकों के जीवन पर शुभाशुभ फल देगा। जिसमें ग्रहों का यह मेल मिथुन, धनु राशि के जातकों के लिए लाभप्रद है। सभी राशियों के लिए यह संयोग लाभप्रद नहीं है। आइए जानते हैं कैसे।

इस तरह बनेगा चर्तुग्रही और पंचग्रही योग —
आपको बता दें सूर्य ग्रह 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर चुके हैं। इसके बाद 20 नवंबर को बुध ने भी इसमें प्रवेश कर बुधादित्य योग बनाया था। इसके बाद अब चंद्रमा भी 4 दिसंबर को इसमें गोचर करेंगे। चूंकि केतु पहले से ही वृश्चिक राशि में बैठै हुए हैं। इसके बाद 5 दिसंबर को ही मंगल ग्रह भी सुबह 5:29 मिनट से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के चलते 4 दिसंबर को यह विशेष चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इसी के बाद 5 दिसंबर को कुछ समय के लिए पंचग्रही योग भी बनेगा।  आइए जानते हैं सूर्य, चंद्र, बुध और केतु के एक साथ वृश्चिक राशि में बनने वाले चतुर्ग्रही और 5 ​दिसंबर को मंगल के साथ बनने वाले पंचग्रही योग का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ता है।

ये रहेगी ग्रहों की स्थिति
इन पांच ग्रहों में चंद्रमा और बुध अस्त रहेंगे। इन दोनों ग्रहों का असर अत्यंत अल्प होगा। सूर्य ग्रह अपने मित्र के राशि में अर्थात मंगल में रहेगा तथा केतु उच्च का होकर वृश्चिक राशि में विराजमान होगा। खेत के साथ में होने के कारण सूर्य का धनात्मक प्रभाव कम हो जाएगा एवं ऋणात्मक प्रभाव बढ जाएगा।

मेष राशि —
मेष राशि में यह संयोग अष्टम भाव में मृतक के भाव में होगा। जिसके कारण मेष राशि वालों के कोई दुर्घटना हो सकती है। यह दुर्घटना किसी कन्फ्यूजन के चलते हो सकती है।

वृष राशि —
वृष राशि के जातकों में यह संयोग सप्तम भाव में होगा। जिससे आपके जीवन साथी के साथ विवाद हो सकता है। इन्हें भी किसी तरह का कन्फ्यूजन पैदा हो सकता है। शादी तय होने में भी दिक्कत आ सकती है।

मिथुन राशि —
मिथुन राशि वालों के लिए यह संयोग ठीक है। शत्रुओं को परेशानी होगी। अगर आप बीमार हैं तो अच्छे डॉक्टर मिलने में दिक्कत आ सकती है।

कर्क राशि —
कर्क राशि के जातकों में यह संयोग पंचम भाव में आ रहा है। जिससे उनके पुत्र पुत्रियों को कष्ट होने की संभावना है।

सिंह राशि —
सिंह राशि के जातकों के लिए यह संयोग चतुर्थ भाव में है। जिसके कारण उनके सुख में कमी आएगी। और वे सुख का कोई नया सामान नहीं खरीद पाएंगे।

कन्या राशि —
कन्या राशि के जातकों में तृतीय भाव में आएगा। जिसके कारण उनके भाई बहन को कष्ट होगा। उन्हें भाई बहनों से सहयोग प्राप्त नहीं होगा।

तुला राशि —
तुला राशि के जातकों के लिए यह संयोग द्वितीय भाव में आएगा। धन प्राप्ति में बाधा आएगी। व्यापार में गिरावट हो सकती है।

वृश्चिक राशि —
वृश्चिक राशि मैं यह संयोग लग्न में होगा जिससे स्वास्थ्य में गिरावट होगी।

धनु राशि —
धनु राशि के जातकों में यह द्वादश भाव में होगा। उनके लिए इस प्रकार का संयोग लाभप्रद होगा। उनके खर्चे में कमी आएगी।

मकर राशि —
मकर राशि के जातकों में यह संयोग एकादश भाव में है। जिसके कारण धन लाभ में कमी होगी।

कुंभ राशि —
कुंभ राशि के जातकों में यह संयोग दशम भाव में है। जिसके कारण सहकर्मियों के साथ विवाद संभव है।

मीन राशि —
मीन राशि के जातकों में यह संयोग नवम भाव में होगा और भाग्य में कमी लाएगा।

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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