फरीदाबाद में मध्यप्रदेश की झांकी:अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला में दिख रहा MP की सांस्कृतिक धरोहर का शानदार प्रदर्शन

Surajkund Mela MP Theme: फरीदाबाद में 38वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला का उद्घाटन 7 फरवरी को हुआ, जिसमें इस वर्ष मध्य प्रदेश को थीम राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

Surajkund Mela MP Theme

Surajkund Mela MP Theme: फरीदाबाद में 38वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला का उद्घाटन 7 फरवरी को हुआ, जिसमें इस वर्ष मध्य प्रदेश को थीम राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य आयोजन का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने कहा, ‘यह मेला प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और शिल्पकला को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का बेहतरीन अवसर है।’

मध्य प्रदेश मंडप में शिल्प और संस्कृति की अनूठी प्रदर्शनी

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बता दें, सूरजकुंड शिल्प मेला जो 7 फरवरी से 23 फरवरी तक चलेगा। इसमें मध्य प्रदेश (Surajkund Mela MP Theme) की सांस्कृतिक विविधता और हस्तशिल्प परंपराओं का आकर्षक प्रदर्शन हो रहा है। इस मेले में विशेष रूप से पारंपरिक स्थापत्य शैली में डिज़ाइन किया गया।

इसमें मध्य प्रदेश मंडप दर्शकों को राज्य के ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों की जानकारी प्रदान कर रहा है। डिजिटल डिस्प्ले और ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के माध्यम से पर्यटकों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत अनुभव मिल रहा है।

MP के हस्तशिल्प की विविधता चंदेरी से ढोकरा तक

मध्य प्रदेश की हस्तशिल्प और लोक कला की प्रदर्शनी में चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों, बाग प्रिंट, गोंड पेंटिंग, ढोकरा शिल्प, अजरक प्रिंट, भीली गुड़िया, लौह शिल्प, कशीदाकारी और खादी उत्पादों का शानदार प्रदर्शन किया जा रहा है।

ये कृतियाँ राज्य की सांस्कृतिक विविधता को न केवल प्रदर्शित करती हैं, बल्कि कारीगरों को अपनी कला को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक अद्वितीय अवसर भी प्रदान कर रही हैं।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: लोक नृत्य और संगीत का अद्भुत संगम

MADHYA PRADESH

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के तहत भगोरिया, गणगौर, मटकी, गुदुमबाजा, करमा, भड़म, बरेदी, बधाई-नौरता और अहिराई जैसे लोक नृत्य दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से मध्य प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का जीवंत चित्रण किया जा रहा है।

शिल्पकारों के लिए व्यापारिक अवसर

प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकार और हथकरघा कारीगर अपने उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मेला न केवल कारीगरों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करता है, बल्कि उन्हें ग्राहकों और व्यापारियों से भी सीधे जुड़ने का भी एक अनमोल मौका देता है।

सांस्कृतिक धरोहर का वैश्विक मंच

फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड शिल्प मेला इस बार न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह मध्य प्रदेश के समृद्ध हस्तशिल्प और सांस्कृतिक धरोहर को विश्व भर में पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। इससे कारीगरों और कलाकारों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रदर्शित करने का यह बेहतरीन अवसर मिला है।

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बेहद खास है इस साल का मेला

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सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला फरीदाबाद (Surajkund Mela MP Theme) में 7 से 23 फरवरी तक चलेगा। इस बार मेला बहुत खास है। इस मेले में 42 देशों के 648 कारीगरों ने भाग लिया है। इस बार मेले का विषय ओडिशा और मध्य प्रदेश राज्य है।

बिम्सटेक संगठन से जुड़े देश बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड इस मेले के भागीदार हैं। सूरजकुंड मेला दुनिया का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला है, जो भारत की समृद्ध कला परंपराओं को संरक्षित करता है।

मेला टिकट का समय

बता दें, सूरजकुंड मेले का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक है। सामान्य दिनों में एंट्री टिकट की कीमत 120 रुपये है एवं अवकाश के दिन इसे 180 रुपये रखा गया है। टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध हैं।

टिकट दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सारथी ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते हैं। मेले के प्रवेश द्वार पर स्थित काउंटर पर ऑफलाइन टिकट उपलब्ध हैं। इसके अलावा मेट्रो स्टेशनों पर भी टिकट उपलब्ध होंगे। छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को सप्ताहांत पर टिकटों पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

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