Aakriti Builder Case: आकृति एक्वासिटी के 44 होमबायर्स को 4 महीने में फुल रिफंड देने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जानें कैसे मिलेगा लोगों को उनका पैसा

Aakriti Builder Case: सुप्रीम कोर्ट ने आकृति बिल्डर को 4 महीने के अंदर आकृति एक्वासिटी के 44 होम बायर्स को फुल रिफंड करने को कहा है।

Aakriti Builder Case: आकृति एक्वासिटी के 44 होमबायर्स को 4 महीने में फुल रिफंड देने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जानें कैसे मिलेगा लोगों को उनका पैसा

   हाइलाइट्स

  • आकृति बिल्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
  • याचिकाकर्ता होम बायर्स को फुल रिफंड का आदेश
  • सुप्रीम कोर्ट में 4 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

Aakriti Builder Case: राजधानी भोपाल के बहुचर्चित आकृति बिल्डर से जुड़े मामले में बड़ा अपडेट आया है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आकृति बिल्डर यानी एजी-8 वेंचर्स (AG8 Ventures Ltd) को 4 महीने के अंदर आकृति एक्वासिटी के 44 होम बायर्स को फुल रिफंड करने को कहा है।

मामले में अब अगली सुनवाई 4 जुलाई को होगी। उससे पहले बिल्डर (Aakriti Builder Case) को इन होम बायर्स का पैसा लौटाना होगा।

   सुप्रीम कोर्ट पहुंचे डायरेक्टर्स

सुप्रीम कोर्ट में 16 फरवरी, शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट के निर्देश पर इस सुनवाई में आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Case) यानी एजी—8 वेंचर्स के एमडी हेमंत सोनी, डायरेक्टर राजीव सोनी और सोनक सुधीर स्वयं उपस्थित हुए।

   पहले NCRDC ने दिया था फैसला

आकृति एक्वासिटी के होम बायर्स को जब लंबे समय तक अपनी प्रॉपर्टी का पजेशन नहीं मिला तो होम बायर्स ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCRDC) के समक्ष अपील दायर कर दी।

एनसीआरडीसी (NATIONAL CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION) ने 27 अक्टूबर 2021 को होम बायर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Case) को ब्याज सहित पैसा लौटाने का आदेश दिया।

   सुप्रीम कोर्ट ने यथावत रखा NCRDC का फैसला

NCRDC के इस आदेश के खिलाफ आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Case) ने नवंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2022 को फैसले को यथावत् रखते हुए आकृति बिल्डर को दो महीने के अंदर होम बायर्स को पैसा रिफंड करने का आदेश दिया।

   अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है अवमानना याचिका पर सुनवाई

जब होम बायर्स को फिर भी पैसा नहीं मिला तो जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट में आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Case) के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई। अभी इसी मामले में सुनवाई हो रही है।

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   बिल्डर ने अब तक रिफंड नहीं करने का ये बताया कारण

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिल्डर (Aakriti Builder Case) की ओर से तर्क दिया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल इंदौर में पहले बिल्डर को दीवालिया घोषित करने के आदेश और फिर नेशनल कंपनी लॉ अपिलेट ट्रिब्यूनल दिल्ली में केस चलने के कारण वह सुप्रीम कोर्ट के रिफंड वाले आदेश का पालन नहीं कर सका।

जिस पर आकृति बिल्डर ने आदेश के पालन के लिये समय मांगा। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर को होम बायर्स का पैसा लौटाने के लिये 4 महीने का समय दे दिया।

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   सुप्रीम कोर्ट के आदेश का किस पर पड़ेगा असर

सुप्रीम कोर्ट में आकृति एक्वासिटी वेलफेयर सोसायटी के जो 44 मेंबर गए थे, इस आदेश से सिर्फ उन्हीं 44 होम बायर्स को फुल रिफंड होगा। अन्य होम बायर्स को यदि पैसा रिफंड चाहिए तो उन्हें अलग से अपील करनी होगी।

   बिल्डर अब रेरा से प्रोजेक्ट लेने का करेगा प्रयास

अभी आकृति बिल्डर (Aakriti Builder Case) के सभी प्रोजेक्ट रेरा के पास हैं। यानी भले ही बिल्डर अब दीवालिया नहीं है, लेकिन वह किसी भी प्रोजेक्ट में प्रॉपर्टी की खरीदी बिक्री नहीं कर सकता।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर फिर होम बायर्स को फुल रिफंड कैसे मिलेगा। जानकार बताते हैं कि इसके लिये बिल्डर का अब पहला प्रयास होगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में रेरा से अनुरोध कर अपने कुछ प्रोजेक्ट वापस ले।

ताकि उनकी बिक्री कर वो अपने दूसरे प्रोजेक्ट कम्प्लीट करने के लिये पैसों की व्यवस्था कर सके या होम बायर्स को फुल रिफंड कर सके।

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