Sunrise over Ayodhya: सलमान खुर्शीद की किताब पर क्यों मचा है बवाल, जानिए क्या लिखा है इस किताब में?

Sunrise over Ayodhya

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि सलमान खुर्शीद की किताब राज्य में बैन की जाएगी। हम इस किताब को बैन करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि इस किताब में ऐसा क्या है कि मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में कोहराम मच गया है। आइए विस्तार इस किताब के बारे में जानते हैं।

इस किताब को लेकर हो रहा है बवाल

दरअसल, इनदिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेसी नेता सलमान खुर्शीद की एक किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्‍या’ (Sunrise over Ayodhya) पर बवाल मचा हुआ है। किताब का विमोचन इसी बुधवार हुआ है। हंगामे की वजह उसमें लिखा हुआ कोई विवादित हिस्सा माना जा रहा है। खुर्शीद पर इस किताब के जरिए हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस किताब में उन्होंने हिंदुत्व की तुलना आतंकी संगठनों ISIS और बोको हराम से की है।

भाजपा का आरोप

अब इस किताब को लेकर राजनीति तेज हो गई है। भाजपा का आरोप है कि खुर्शीद सोनिया-राहुल गांधी के इशारे पर बहुसंख्यकों की भावनाओं को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि ‘बहुसंख्यक हिंदू देश में मुस्लिमों को जितना सम्मान मिला है उसके बाद भी वे खुश नहीं हैं। उनके मन में इतना जहर क्यों भरा हुआ है?’ वहीं खुर्शीद की इस किताब पर दिल्‍ली के एक वकील विनीत जिंदल ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्‍होंने भी हिंदुत्‍व की आईएस से तुलना किए जाने पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

क्या है इस किताब में?

विवादित किताब के जिस अध्याय में हिंदू धर्म को बदनाम करने की कोशिश का आरोप है उसे ‘सैफ्रान स्काई’ नाम दिया गया है और ये किताब का पेज नंबर 113 है। बतादें कि देश का संविधान हर किसी को आजादी से बोलने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है। लेकिन इसके साथ ही अपनी बातों से किसी की भावनाओं को भड़काना, राष्ट्र की गलत छवि बनाना एक अपराध है। खुर्शीद ने अपने किताब में लिखा है कि ‘हिंदुत्व सनातन और प्राचीन हिंदू धर्म को किनारे लगाने का काम कर रहा है जो हर तरह से आईएसआईएस और बोको हरम की तरह ही है।’ हालांकि उन्होंने इस किताब में यह भी लिखा है कि ‘हिंदू धर्म उच्च स्तर का है’। उन्होंने ये भी लिखा कि गांधी जी इसको लेकर जो प्रेरणा दी, उससे बढ़कर कुछ और हो ही नहीं सकता है। यदि इस पर कोई नया लेबल लगा लेता है तो इसको मैं क्यों मानूं। इस किताब में उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति करने वालों को भी गलत करार दिया है।

किस आधार पर बैन होती हैं किताबें

कानून के जानकार बताते हैं कि जिन किताबों से राष्ट्रीय एकता और अखंडता को खतरा पैदा होता है, या किसी धर्म विशेष की भावनाएं आहत होती हैं, उन किताबों को सरकार बैन कर सकती है। सरकार कुछ वजहों के आधार पर किसी किताब पर बैन लगा सकती हैं। मसलन हिंसा भड़काने वाली, जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने वाली, कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाली और सरकार के खिलाफ विद्रोह को उकसाने वाली किताबों पर बैन लगाया जा सकता है।

भारत में इन किताबों को किया गया है बैन

1. द ग्रेट सोल

2. नाइन ऑवर्स टू रामा

3. जिन्ना इंडिया पार्टिशन इंडिपेनडेंस

4. द प्राइस ऑफ पावर

5. नेहरू: अ पॉलिटिकल बायोग्राफी

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